India
oi-Pallavi Kumari
Digital
Census
Pros
And
Cons
In
Hindi:
भारत
पहली
बार
पूरी
तरह
डिजिटल
जनगणना
की
ओर
बढ़
रहा
है
और
केंद्र
की
नरेंद्र
मोदी
सरकार
ने
इसके
लिए
11,718
करोड़
रुपये
का
बड़ा
बजट
भी
पास
कर
दिया
है।
केंद्रीय
कैबिनेट
की
बैठक
में
डिजिटल
जनगणना
2027
को
मंजूरी
दे
दी
गई।
यह
जनगणना
दो
चरणों
में
होगी
2026
में
हाउस
लिस्टिंग
और
2027
में
जनसंख्या
गणना।
सरकार
के
मुताबिक
मॉडल
ऐसा
तैयार
किया
गया
है
कि
डेटा
सुरक्षित
भी
रहेगा
और
पहले
से
कहीं
तेज
नतीजे
भी
सामने
आएंगे।
2027
की
जनगणना
में
30
लाख
कर्मचारी
मोबाइल
ऐप
की
मदद
से
डेटा
जुटाएंगे।
लोगों
को
पहली
बार
यह
सुविधा
भी
मिलेगी
कि
वे
पोर्टल
पर
खुद
भी
अपनी
जानकारी
भर
सकेंगे।
यानी
प्रक्रिया
पूरी
तरह
मोबाइल,
ऐप
और
ऑनलाइन
सिस्टम
पर
आधारित
होगी।
ये
जनगणना
पूरी
तरह
डिजिटल
होने
वाला
है,
इसलिए
इसे
डिजिटल
जनगणना
कहा
जा
रहा
है।
ऐसे
में
आइए
जानते
हैं
डिजिटल
जनगणना
के
क्या
हैं
फायदे
और
क्या
हैं
नुकसान?

▶️
Digital
Census
Pros:
डिजिटल
जनगणना
के
फायदे
🔹डिजिटल
जनगणना
के
नए
फीचर्स,
जो
इसे
खास
बनाते
हैं
इस
बार
जनगणना
सिर्फ
डिजिटल
नहीं,
बल्कि
कई
मायनों
में
ऐतिहासिक
भी
होगी।
पहली
बार
हर
बिल्डिंग
की
जियो-टैगिंग
होगी,
ऐप
हिंदी-इंग्लिश
समेत
16
से
ज्यादा
भाषाओं
में
काम
करेगा
और
डेटा
सीधे
क्लाउड
पर
अपलोड
होगा।
1931
के
बाद
यह
पहली
बार
होगा
जब
सभी
जातियों
की
गणना
की
जाएगी,
सिर्फ
एससी-एसटी
ही
नहीं।
साथ
ही,
जन्मस्थान,
पिछला
निवास,
कब
से
रह
रहे
हैं,
क्यों
बदला
–
जैसे
माइग्रेशन
से
जुड़े
बेहद
अहम
सवाल
भी
शामिल
होंगे।
🔹
तेजी
से
नतीजे
देने
वाला
सिस्टम,
जो
बदल
देगा
पूरी
तस्वीर
कागज
की
फाइलों
में
महीनों
तक
फंसी
रहने
वाली
जनगणना
के
उलट
अब
डेटा
रियल
टाइम
अपलोड
होगा।
सरकार
का
दावा
है
कि
शुरुआती
आंकड़े
10
दिन
में
और
पूरी
रिपोर्ट
6-9
महीने
में
मिल
जाएगी।
पहले
यह
काम
2-3
साल
लगा
देता
था।
तेज
डेटा
आने
का
मतलब
है
कि
2029
में
होने
वाली
लोकसभा
सीटों
की
डिलिमिटेशन,
फंड
आवंटन,
विकास
योजनाएं
और
कल्याणकारी
स्कीम
सब
कुछ
ताजा
और
सही
डेटा
पर
आधारित
होगा।
🔹
फायदे
जो
डिजिटल
जनगणना
को
बेहद
प्रभावी
बनाते
हैं
डिजिटल
जनगणना
में
कई
ऐसे
लाभ
हैं
जो
भारत
की
प्रशासनिक
व्यवस्था
को
अगले
स्तर
पर
ले
जा
सकते
हैं।
रियल
टाइम
डेटा,
ऐप-आधारित
उत्तर,
ऑटो-वैलिडेशन,
जियो-टैगिंग
और
दोबारा
एंट्री
की
ज़रूरत
न
पड़ना-ये
सब
मिलकर
गलतियों
को
बहुत
कम
कर
देंगे।
इसके
अलावा
•
ऐप
आधारित
सिस्टम
में
ग़लत
जानकारी
और
ओवरराइटिंग
की
संभावना
कम
होगी
•
कर्मचारी
अपने
ही
मोबाइल
से
काम
करेंगे,
इसलिए
सरकार
को
लाखों
टैबलेट
खरीदने
का
खर्च
नहीं
उठाना
पड़ेगा
•
लगभग
24
मिलियन
पर्सन-डे
की
अस्थायी
नौकरी
पैदा
होगी
•
प्रवासी
मजदूरों
की
जानकारी
पहले
से
अधिक
सटीक
तरीके
से
मिली
तो
शहरों
की
प्लानिंग
बेहतर
हो
सकेगी
इन
सबके
कारण
यह
जनगणना
न
सिर्फ
तेज़,
बल्कि
किफायती
भी
साबित
हो
सकती
है।
▶️
Digital
Census
Cons:
डिजिटल
जनगणना
के
नुकसान/चुनौतियां
🔹
डिजिटल
जनगणना
के
साथ-साथ
कई
चुनौतियां
भी
हैं,
खासकर
भारत
जैसे
देश
में,
जहां
हर
इलाका
डिजिटल
रूप
से
समान
नहीं
है।
देश
में
आज
भी
करीब
35
प्रतिशत
लोग
या
तो
इंटरनेट
से
दूर
हैं
या
बेहद
धीमे
नेटवर्क
पर
निर्भर
हैं।
पूर्वोत्तर,
हिमालयी
क्षेत्रों
और
ग्रामीण
इलाकों
में
यह
समस्या
ज्यादा
है।
ऐसे
में
डिजिटल
जनगणना
गरीब
और
दूरदराज
के
लोगों
की
गिनती
कम
दिखा
सकती
है।
🔹
दूसरी
बड़ी
चुनौती
है
डिजिटल
साक्षरता:
30
लाख
कर्मचारियों
को
ऐप
प्रशिक्षण
देना
आसान
नहीं
होगा।
कई
बुजुर्ग,
कम
पढ़े
लिखे
लोग,
महिलाएँ
या
प्रवासी
मजदूर
डिजिटल
फॉर्म
भरने
में
असहज
हो
सकते
हैं।
🔹
साइबर
सुरक्षा
और
निजता:
जब
जाति,
माइग्रेशन
और
परिवार
की
संवेदनशील
जानकारी
मोबाइल
नेटवर्क
पर
भेजी
जाएगी,
तो
डेटा
लीक
या
हैकिंग
का
खतरा
बढ़
जाता
है।
अफ्रीका
के
कई
देशों
में
डिजिटल
जनगणना
इन
समस्याओं
से
बुरी
तरह
प्रभावित
हुई
थी।
फिर
सवाल
उठता
है…
क्या
भारत
डिजिटल
जनगणना
के
लिए
तैयार
है?
भारत
का
डिजिटल
इंफ्रास्ट्रक्चर
काफी
मजबूत
हुआ
है,
लेकिन
चुनौतियां
भी
बहुत
हैं।
कनेक्टिविटी,
साइबर
सुरक्षा,
ऐप
ट्रेनिंग
और
लोगों
की
जागरूकता
इन
सब
पर
काम
होगा
तभी
डिजिटल
जनगणना
2027
सफल
मॉडल
बन
सकती
है।
लेकिन
एक
बात
तय
है।
अगर
यह
प्रोजेक्ट
कामयाब
होता
है,
तो
भारत
दुनिया
के
सबसे
बड़े
डिजिटल
डेटा
कलेक्शन
मॉडल
का
लीडर
बन
जाएगा।
-

Rajasthan school holiday: राजस्थान के स्कूलों में सर्दी की छुट्टियों में बदलाव, जान लें नई तारीख
-

19 Minute Viral MMS कांड के बाद अब सोफिक SK ने ये क्या किया? शुरू हुआ नया Telegram गेम, क्या है माजरा?
-

नरेंद्र मोदी के बाद कौन बनेगा भारत का अगला प्रधानमंत्री? RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया जवाब
-

Aaj Ka Mesh Rashifal: दिन शुभ, हर काम में मिलेगी सफलता, पढ़ें आज का मेष राशिफल
-

Amit Shah Wife: कौन हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की पत्नी? क्या करती हैं? जानें परिवार में कौन-कौन?
-

Aniruddhacharya case: महिलाओं पर कमेंट कर मुश्किलों में फंसे ‘पूकी बाबा’, अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ केस दर्ज
-

Delhi-Dehradun Expressway कब होगा चालू, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया, ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून
-

Love Story:किसी अप्सरा से कम नहीं BJP के इस नेता की पत्नी, पहली नजर में हुआ था इश्क, रॉयल फैमिली से है ताल्लुक
-

Kal Ka Match Kon Jeeta 9 December: कल का मैच कौन जीता- भारत vs साउथ अफ्रीका
-

Mumbai Metro News: मीरा-भायंदर मेट्रो रूट के यात्रियों को अब नहीं मिलेगी यह सुविधा, मंत्री ने कर दिया कन्फर्म
-

प्यार, धोखा और ब्लैकमेलिंग! कौन हैं महिला DSP कल्पना वर्मा? बिजनेसमैन ने लगाया ‘लव ट्रैप’ का आरोप
-

UP Voter List 2003: नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें? ऑनलाइन और ऑफलाइन की पूरी जानकारी
-

MMS Viral Video कांड के बीच ऐश्वर्या राय का बड़ा खुलासा, बेटी आराध्या के फेक अकाउंट का ‘ऐसा सच’ रखा सामने
-

B L Verma: कौन हैं बीएल वर्मा? किस जाति से आते हैं? तय माना जा रहा है इनका UP प्रदेश अध्यक्ष बनना!
-

अभिषेक-ऐश्वर्या का होने जा रहा तलाक? बेटी आराध्या ने कैसे किया रिएक्ट? एक्टर ने बताया सच

