India
oi-Smita Mugdha
Bengal
SIR:
पश्चिम
बंगाल
में
आगामी
चुनावों
की
तैयारियां
चल
रही
हैं।
ड्राफ्ट
मतदाता
सूची
(Draft
Electoral
Roll)
भी
प्रकाशित
हो
चुकी
है।
हालांकि,
टीएमसी
और
दूसरी
पार्टियां
बंगाल
में
एसआईआर
प्रक्रिया
पर
तीखी
प्रतिक्रिया
दे
रही
हैं।
पिछले
दिनों
टीएमसी
सांसद
अभिषेक
बनर्जी
अपनी
पार्टी
के
10
सांसदों
के
साथ
मुख्य
चुनाव
आयुक्त
से
भी
मिलने
गए
थे।
ड्राफ्ट
वोटर
लिस्ट
प्रकाशित
हुए
17
दिन
हो
गए
हैं,
लेकिन
अब
तक
सिर्फ
8
अपील
ही
दायर
की
गई
है।
ड्राफ्ट
वोटर
लिस्ट
प्रकाशन
के
बाद
दर्ज
कराई
गई
आपत्तियों
की
बेहद
कम
संख्या
ने
राजनीतिक
और
प्रशासनिक
हलकों
में
सवाल
खड़े
कर
दिए
हैं।
निर्वाचन
आयोग
की
ओर
से
जारी
आंकड़ों
के
मुताबिक,
अब
तक
केवल
8
अपील
ही
दाखिल
की
गई
हैं।
इसमें
भी
किसी
अयोग्य
व्यक्ति
के
नाम
को
लेकर
एक
भी
औपचारिक
आपत्ति
दर्ज
नहीं
की
गई
है।

Bengal
SIR:
अपील
की
कम
संख्या
पर
राजनीतिक
संग्राम
निर्वाचन
आयोग
के
अधिकारियों
का
कहना
है
कि
ड्राफ्ट
मतदाता
सूची
जारी
होने
के
बाद
राजनीतिक
दलों,
बूथ
लेवल
एजेंट्स
(BLA)
और
आम
मतदाताओं
को
आपत्ति
दर्ज
कराने
के
लिए
पर्याप्त
समय
दिया
गया
है।
इसके
बावजूद
इतनी
कम
संख्या
में
दर्ज
हुई
आपत्ति
पर
राजनीतिक
संग्राम
भी
शुरू
हो
गया
है।
बीजेपी
नेताओं
का
कहना
है
कि
देश
भर
में
एसआईआर
(SIR)
प्रक्रिया
को
लेकर
टीएमसी,
कांग्रेस
समेत
कई
दलों
ने
विरोध
किया
है।
चुनाव
आयोग
के
मौका
दिए
जाने
के
बाद
भी
इनके
प्रतिनिधि
आयोग
के
पास
आपत्ति
दर्ज
कराने
नहीं
पहुंच
रहे
हैं।
इससे
स्पष्ट
हो
गया
है
कि
चुनाव
आयोग
की
प्रक्रिया
में
कोई
कमी
नहीं
है।
दूसरी
ओर
टीएमसी
और
कांग्रेस
का
कहना
है
कि
एसआईआर
में
लोगों
के
नाम
काटे
जा
रहे
हैं।
Bengal
SIR
News:
टीएमसी
ने
दर्ज
कराई
सिर्फ
3
आपत्तियां
–
चुनाव
आयोग
का
कहना
है
कि
नाम
जोड़ने,
हटाने
या
संशोधन
के
लिए
पर्याप्त
समय
और
अवसर
दिया
गया
है।
इसके
बावजूद
अपीलों
की
संख्या
सिर्फ
8
रही
है।
–
आयोग
के
आंकड़ों
के
मुताबिक,
अब
तक
दर्ज
कराई
गई
आठ
अपीलों
में
से
तीन
अपील
सत्तारूढ़
तृणमूल
कांग्रेस
(TMC)
की
ओर
से
दाखिल
की
गई
हैं।
भारतीय
कम्युनिस्ट
पार्टी
(मार्क्सवादी)
यानी
CPM
की
ओर
से
दो
अपीलें
दर्ज
की
गई
हैं।
–
भारतीय
जनता
पार्टी
(BJP),
फॉरवर्ड
ब्लॉक
और
बहुजन
समाज
पार्टी
(BSP)
ने
एक-एक
मतदाता
का
नाम
जोड़ने
के
लिए
अपील
दी
है।
Bengal
में
लाखों
की
संख्या
में
बूथ
लेवल
एजेंट
हैं
सक्रिय
बंगाल
में
बूथ
लेवल
एजेंट
की
संख्या
की
बात
करें
तो
प्रदेश
में
कुल
2
लाख
7
हजार
1
बूथ
लेवल
एजेंट
सक्रिय
हैं।
इसके
बावजूद
पहले
ड्राफ्ट
प्रकाशन
के
बाद
गिनती
की
8
अपील
दर्ज
कराई
गई
हैं।
बूथ
लेवल
एजेंट
की
बात
करें,
तो
इनमें
सबसे
अधिक
77,091
बीएलए
तृणमूल
कांग्रेस
के
हैं।
मुख्य
विपक्षी
दल
भाजपा
के
60,186
एजेंट
राज्यभर
में
तैनात
हैं।
CPM
के
49,079
और
कांग्रेस
के
18,733
बूथ
लेवल
एजेंट
सक्रिय
हैं।
इसके
अलावा
फॉरवर्ड
ब्लॉक
के
1,885
और
बहुजन
समाज
पार्टी
के
केवल
21
बीएलए
हैं।
चुनाव
आयोग
ने
मतदाताओं
से
की
अपील
इतनी
बड़ी
संख्या
में
बीएलए
होने
के
बावजूद
ड्राफ्ट
मतदाता
सूची
पर
आपत्तियां
न
के
बराबर
दर्ज
की
गई
हैं।
निर्वाचन
आयोग
का
कहना
है
कि
ड्राफ्ट
सूची
की
जांच
करना
राजनीतिक
दलों
और
उनके
एजेंटों
की
जिम्मेदारी
है।
आयोग
ने
कहा
कि
हम
चुनाव
से
पहले
मतदाता
सूची
पूरी
तरह
शुद्ध
और
त्रुटिरहित
बनाने
के
लिए
काम
कर
रहे
हैं।
आयोग
ने
एक
बार
फिर
सभी
राजनीतिक
दलों
और
मतदाताओं
से
अपील
की
है
कि
वे
ड्राफ्ट
मतदाता
सूची
की
जांच
करें।
आयोग
ने
कहा
है
कि
अगर
किसी
तरह
की
त्रुटि
या
आपत्ति
हो,
तो
तय
समयसीमा
के
भीतर
अपील
दर्ज
कराएं।
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