किसी फिल्मी पटकथा से भी अधिक चौंकाने वाला क्लाइमेक्स महाराष्ट्र के बीड जिले के एक शख्स की असल जिंदगी में देखने को मिला है. गेवराई तालुका के केकट पांगरी (हरीलाल नायक तांडा) के रहने वाले 47 वर्षीय प्रकाश जनार्दन जाधव महज 16 साल की उम्र में घर से निकले थे, पूरे 32 साल बाद अपने गांव वापस लौटे हैं. उनकी इस वापसी की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है. एक मामूली गुस्से में घर छोड़ने से लेकर, लुटेरों के हमले में याददाश्त खोने और फिर सात समंदर पार माल्टा (यूरोप) में एक एक्सीडेंट के बाद अचानक बीता हुआ कल याद आ जाने तक प्रकाश का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा. आज जब वे वापस अपने माता-पिता और गांव के बीच पहुंचे हैं तो पूरे तांडे में जश्न का माहौल है.
साइकिल की जिद और 16 साल की उम्र में पलायन
प्रकाश जाधव की कहानी साल 1972 के अकाल के समय से जुड़ी है जब उनके पिता जनार्दन जाधव रोजी-रोटी की तलाश में नासिक चले गए थे. वहां उन्होंने एक छोटी दुकान शुरू की थी. जब प्रकाश 10वीं कक्षा में थे तब उन्होंने अपने माता-पिता से एक साइकिल की मांग की थी. साइकिल न मिलने पर गुस्से में आकर 16 साल के किशोर प्रकाश ने घर छोड़ दिया. अपनी शिक्षा के प्रति रुचि के कारण उन्होंने होटलों में काम किया और पढ़ाई जारी रखी.
लुटेरों का हमला और याददाश्त का जाना
घर छोड़ने के कुछ समय बाद ही प्रकाश के जीवन में एक काला अध्याय जुड़ गया. उनपर लुटेरों ने जानलेवा हमला किया जिसमें उनके सिर पर गहरी चोट आई और वे अपनी याददाश्त पूरी तरह खो बैठे. उन्हें अपना नाम, माता-पिता और गांव कुछ भी याद नहीं रहा. इसके बाद वे एक आश्रम में रहे और वहीं शिक्षा प्राप्त की. किस्मत उन्हें अलग-अलग रास्तों से होते हुए यूरोप ले गई, जहां उन्होंने कई देशों में काम किया और धन-दौलत कमाई.
माल्टा में एक्सीडेंट बना वरदान, 32 साल बाद लौटा अतीत
दिसंबर 2024 में जब प्रकाश माल्टा में थे, तब उनके साथ एक दुर्घटना हुई और उन्हें स्ट्रोक आया. अस्पताल में इलाज के दौरान एक चमत्कार हुआ. 32 साल से सोया हुआ अतीत अचानक जाग उठा. प्रकाश की याददाश्त धीरे-धीरे वापस आने लगी और उनके माता-पिता, बहनों और गांव की तस्वीरें उनकी आंखों के सामने तैरने लगीं.
सवाल-जवाब
प्रकाश जाधव इतने सालों तक कहां रहे?
याददाश्त खोने के बाद वे एक आश्रम में रहे और बाद में काम के सिलसिले में यूरोप चले गए, जहां उन्होंने माल्टा सहित कई देशों की यात्रा की.
प्रकाश जाधव की याददाश्त वापस कैसे आई?
दिसंबर 2024 में माल्टा में हुए एक एक्सीडेंट और उसके बाद आए स्ट्रोक के इलाज के दौरान उनकी याददाश्त 32 साल बाद वापस लौटी.
गांव लौटने पर प्रकाश जाधव का स्वागत कैसे हुआ?
प्रकाश के लौटने पर पूरे गांव में आतिशबाजी हुई, फूलों की वर्षा की गई और खुशी के आंसुओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया.

