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Lahek Ali CPM Leader arrest : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में 13 साल की नाबालिग बच्ची के रेप और मर्डर के बाद भड़की हिंसा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में सीपीएम नेता लाहेक अली को गिरफ्तार किया गया है. लाहके अली पर भीड़ उकसाने और हिंसा भड़काने का आरोप है. सीपीएम ने अब इसे मुद्दा बना लिया है, जिससे बंगाल की सियासत गरमा गई है.
कौन है लाहेक अली, जिसको बंगाल पुलिस ने किया गिरफ्तार?
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ रेप और मर्डर के बाद भड़की हिंसा में पुलिस ने सीपीएम लीडर लाहेक अली को गिरफ्तार किया है. पिछले दिनों एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और उसकी निर्मम हत्या के बाद भड़की हिंसा ने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया था. इस पूरे घटनाक्रम में अब एक नया मोड़ आ गया, जब पश्चिम बंगाल पुलिस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के स्थानीय नेता मोहम्मद लाहेक अली को गिरफ्तार कर लिया. बंगाल पुलिस का आरोप है कि लाहेक अली ने भीड़ को उकसाया, जिसके बाद इलाके में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और एक निर्दोष की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस गिरफ्तारी से वामपंथी खेमे में हड़कंप मच गया है. सीपीएम ने इसे पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है.
कौन हैं लाहेक अली? राजनीतिक रसूख और चुनावी इतिहास
मोहम्मद लाहेक अली पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सीपीएम के एक प्रमुख और सक्रिय चेहरा माने जाते हैं. जमीनी स्तर पर पकड़ होने के कारण पार्टी ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्हें बरुईपुर पश्चिम सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था. हालांकि, इस बेहद कड़े त्रिकोणीय मुकाबले में टीएमसी के बिमान बनर्जी ने जीत दर्ज की थी और भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी, लेकिन लाहेक अली ने इस क्षेत्र में वामपंथी कैडर्स को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. चुनाव हारने के बाद भी वे स्थानीय मुद्दों को लेकर क्षेत्र में लगातार सक्रिय बने हुए थे.
बंगाल में बरुईपुर रेप-मर्डर केस के आरोपी का एनकाउंटर, 12 साल की बच्ची से की थी दरिंदगी (फाइल फोटो)
क्या था बरुईपुर कांड?
यह पूरा मामला बरुईपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सूर्यपुर इलाके से शुरू हुआ था. एक 13 साल की नाबालिग बच्ची अचानक लापता हो गई और अगले दिन उसकी लाश एक स्थानीय तालाब से बरामद की गई. पोस्टमॉर्टम और शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ. इस लड़की के साथ गैंगरेप करने के बाद हत्या कर दी गई. इस खौफनाक वारदात की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.
गैंगरेप और हत्या के बाद क्यों भड़की हिंसा?
इस दौरान भड़की हिंसा ने बेहद हिंसक रूप ले लिया. गुस्से से अकुलाई भीड़ ने महज शक के आधार पर इंद्रजीत मंडल नाम के एक स्थानीय युवक को पकड़ लिया और पीट-पीटकर मार डाला. बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि उस युवक का लड़की के साथ हुए अपराध से कोई लेना-देना नहीं था. इस हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की, सड़कों पर टायर जलाकर जाम लगाया और रेलवे ट्रैक को भी बाधित किया. इस उपद्रव के बाद पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ मोर्चा खोला. इस मामले में अब तक लाहेक अली सहित करीब 34 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
सीपीएम लाहेक अली की गिरफ्तारी के विरोध में क्यों?
पुलिस का दावा बनाम सीपीएम का पलटवार
कोर्ट परिसर के बाहर लाहेक अली ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझ पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं. यह एक राजनीतिक रूप से प्रेरित गिरफ्तारी है. मैं सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, इसलिए सरकार मेरी आवाज दबाना चाहती है.’
वहीं, सीपीएम के केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने भी इस गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए दावा किया कि लाहेक अली घटना स्थल पर तब पहुंचे थे जब लिंचिंग की वारदात हो चुकी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं और पुलिस की नाकामी को छिपाने के लिए विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही है. फिलहाल, इस मामले के बाद से पूरे दक्षिण 24 परगना में भारी पुलिस बल तैनात है और राजनीतिक तनाव चरम पर है.

