वक्फ बिल पर महाभारत है. वक्फ संशोधन विधेयक पर आज संसद में सरकार और विपक्ष की असली अग्निपरीक्षा है. मोदी सरकार आज लोकसभा में वक्फ बिल पेश करने जा रही है. सदन में नंबर गेम से ऐसा लगता है कि सरकार इसे पास करा लेगी. हालांकि, विपक्ष अपनी एकजुटता के भरोसे इसे फेल करने का दावा कर रहा है. विपक्ष को उम्मीद है कि वे इसे पास करने से रोक देंगे. वहीं, सरकार इसे पास कराने की पूरी तैयारी कर चुकी है. जदयू-टीडीपी जैसे एनडीए के सहयोगियों का भी साथ मिल चुका है, जो पहले अन्य मुद्दों पर अलग रुख रखा करते थे. अब सवाल है कि आखिर यह वक्फ बिल है क्या, इस पर बवाल क्यों हैं, इसके पक्ष में कौन है और खिलाफ कौन. इसे 10 आसान तरीके से जानते हैं.
1. वक्फ बिल क्या है: वक्फ (संशोधन) बिल 2024, वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने वाला एक विधेयक है. इसे केंद्र सरकार आज लोकसभा में पेश करेगी. इस पर चर्चा होगी और इसे पास कराने की कोशिश होगी. इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए नियमों को सख्त करना है.
2. वक्फ बिल में क्या बदलाव: इसमें वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना, कलेक्टर को संपत्ति सर्वे का अधिकार देना, और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान शामिल है.
3. वक्फ बिल पर बला क्यों? विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं. उनका दावा है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों को कमजोर करेगा और सरकारी हस्तक्षेप बढ़ाएगा. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने विपक्ष और एनडीए के सहयोगी दलों से इस बिल का विरोध करने की अपील की है.
4. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड का तर्क है कि यह वक्फ बोर्ड बिल न केवल भेदभावपूर्ण है, बल्कि यह संविधान के आर्टिकल 14. 25 और 26 के तहत मौलिक अधिकारों के प्रावधानों भी उल्लंघन करता है.
5. वक्फ बिल के पक्ष में सरकार का तर्क: भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार तर्क है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाएगा, दुरुपयोग रोकेगा और मुस्लिम महिलाओं व गरीबों को फायदा पहुंचाएगा.
6. वक्फ बिल पर कौन-कौन साथ: इसे पास कराने के लिए पूरी मोदी सरकार एकजुट है. बिहार एनडीए ने भी अब इस बिल का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है. बीजेपी और एनडीए के सहयोगी दल जैसे जेडीयू और टीडीपी बिल के समर्थन में हैं.
7. वक्फ बिल पर कौन खिलाफ: कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्ष इस बिल के खिलाफ है. विपक्ष ने तो एक बैठक तक बुलाई और लोकसभा में इसके खिलाफ वोट करने की कसम खा ली. कांग्रेस, राजद, टीएमसी, डीएमके, AIMIM, सपा, और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) इसका विरोध कर रहे हैं.
8. लोकसभा में किसके कितने सांसद: लोकसभा में एनडीए के पास 293 सांसदों का बहुमत है. विपक्षी इंडिया ब्लॉक के पास लोकसभा में 233 सांसद हैं.
9. आज वक्फ बिल को सदन के पटल पर रखा जाएगा. आज यानी 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में इसे पेश किया जाएगा.संख्या बल के हिसाब से देखें तो मोदी सरकार की राह आसान नजर आ रही है. एनडीए के पास बहुमत होने से यह पारित हो सकता है, लेकिन राज्यसभा में 115 सांसदों के साथ स्थिति थोड़ी नाजुक है.
10. इस बिल पर चर्चा के लिए आठ-आठ घंटे आवंटित किए गए हैं. एनडीए में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बाद चार सबसे बड़े घटकों- तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा), जनता दल-यूनाइटेड (जदयू), शिवसेना और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)- ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सरकार के रुख का समर्थन करने को कहा है. इधर विपक्ष ने भी अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है.

