भारतीय वायुसेना (IAF) ने सोशल मीडिया पर Exercise Pitch Black 2026 से जुड़ी तस्वीरें साझा की हैं. IAF ने बताया कि उसका दल ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुका है और अब वह दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यासों में शामिल होने के लिए तैयार है. इस बार भारतीय वायुसेना राफेल लड़ाकू विमानों के साथ इस अभ्यास में हिस्सा लेगी.
IAF ने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा, “The Indian Air Force contingent has landed in Australia for Exercise Pitch Black 2026.” इसके साथ ही वायुसेना ने कहा कि यह अभ्यास विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के बीच Interoperability (संयुक्त संचालन क्षमता) बढ़ाने और Operational Cooperation (संचालन सहयोग) को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है.
19 देशों की वायु सेनाएं होंगी शामिल
IAF के अनुसार, Exercise Pitch Black 2026 एक प्रतिष्ठित द्विवार्षिक (Biennial) बहुराष्ट्रीय एयर कॉम्बैट एक्सरसाइज है, जिसमें 19 देशों की वायु सेनाएं भाग ले रही हैं. इसका आयोजन ऑस्ट्रेलिया की रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) कर रही है.
राफेल के साथ होगा हाई-एंड प्रशिक्षण
भारतीय वायुसेना ने कहा कि इस बार उसके राफेल लड़ाकू विमान मित्र देशों की वायु सेनाओं के साथ मिलकर जटिल हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगे. इस दौरान विभिन्न देशों के पायलट आधुनिक युद्ध रणनीतियों, संयुक्त मिशनों और सर्वश्रेष्ठ सैन्य प्रक्रियाओं (Best Practices) का आदान-प्रदान करेंगे.
IAF ने क्या कहा?
अपने पोस्ट में भारतीय वायुसेना ने लिखा कि यह अभ्यास: ऑपरेशनल तालमेल (Operational Synergy) को और मजबूत करेगा. विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाएगा. आधुनिक एयर कॉम्बैट तकनीकों और Best Practices के आदान-प्रदान का अवसर देगा.
पोस्ट के अंत में IAF ने अपने संदेश को तीन शब्दों में व्यक्त किया: “Ready. Capable. Focused.”
Source: IAF
क्यों अहम है Pitch Black?
20 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरिटरी क्षेत्र में होने वाला एक्सरसाइज पिच ब्लैक (Exercise Pitch Black) एक बार फिर आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान 19 मित्र और साझेदार देशों के 100 से अधिक विमान और सैन्य कर्मी संयुक्त रूप से अभ्यास करेंगे. इस अभ्यास का उद्देश्य आपसी तालमेल को मजबूत करना और क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्तर पर संयुक्त सैन्य संचालन की क्षमता बढ़ाना है.
Exercise Pitch Black दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित एयर वॉर गेम्स में गिना जाता है. इसमें वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियां तैयार कर विभिन्न देशों की वायु सेनाएं संयुक्त अभियान, एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिशन, बड़े पैमाने पर फोर्स एम्प्लॉयमेंट और नेटवर्क आधारित ऑपरेशन का अभ्यास करती हैं. भारत के लिए यह अभ्यास इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य सहयोग बढ़ाने और अपनी वायु शक्ति का प्रदर्शन करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है.
यह रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में से एक में तीन सप्ताह तक जटिल और वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण दिया जाता है. इस वर्ष ब्रुनेई, कनाडा, फिजी, फिनलैंड, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्पेन, स्वीडन, थाईलैंड, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के सैन्य कर्मी इसमें भाग लेंगे.

