इन देशों पर जेलेंस्की ने बताया खतरा
जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन उन आबादी का इस्तेमाल आक्रमण के लिए बहाने के रूप में कर सकते हैं, जैसा कि उन्होंने क्रीमिया के साथ किया था। जेलेंस्की ने पोलैंड, स्लोवाकिया, लातविया, एस्टोनिया और मोल्दोवा का नाम लिया, जिन पर रूस की संभावित नजर है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, जब आपके पास रूसी भाषा बोलने वाले लोग हों, या उनकी जड़ें हों या उनके परिवार हों, तो आप खतरे में हैं। यह हमारा इतिहास है। जेलेंस्की ने आगे कहा कि शुरू में उन्होंने कहा कि वे हमारे क्षेत्रों पर कब्जा नहीं कर रहे हैं, वे रूसी भाषी लोगों की रक्षा कर रहे हैं। अगर हम गिरेंगे तो मुझे लगता है कि जिन देशों का मैंने जिक्र किया है, उन सभी को रूसी नीति के कारण खतरा है।
रूस से जुड़ी हैं इन देशों की जड़ें
लातविया, एस्टोनिया और मोल्दोवा और पौलैंड के कुछ हिस्से ऐतिहासिक रूसी साम्राज्य का हिस्सा थे, जबकि लातविया, एस्टोनिया और मोल्दोवा सोवियत संघ में शामिल थे। स्लोवाकिया साम्यवादी देश रहा है और रूस ने खुद को लंबे समय से खुद को स्लाव लोगों के रक्षक के रूप में देखा है।
कितना आसान है पुतिन के लिए हमला?
पुतिन के लिए इन यूरोपीय देशों पर हमला करना आसान नहीं होगा। जेलेंस्की के बताए पांच देशों में चार नाटो में हैं, जबकि मोल्दोवा यूरोपीय संघ के साथ रक्षा सौदा करता है। दूसरा, पुतिन की सेना को यूक्रेन के साथ युद्ध में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में वह नया युद्ध नहीं छेड़ना चाहेंगे।

