नई दिल्ली (Ronak Kumar CA Success Story). सीए परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल है. सीए बनने के लिए स्टूडेंट्स सालों-साल मेहनत करते हैं. कई बच्चे तैयारी के दिनों से ही सीए परीक्षा में टॉप करने का लक्ष्य लेकर चलते हैं. लेकिन 18 साल के रौनक कुमार की कहानी कुछ अलग है. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे देश के टॉप-15 स्टूडेंट्स में जगह बना लेंगे. उनका लक्ष्य बस किसी तरह सीए परीक्षा पास करना था. लेकिन उनकी खास स्ट्रैटेजी ने उन्हें सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में AIR 14 दिला दी.
‘बस पास होने की थी उम्मीद’, फिर पलटी किस्मत
रौनक कुमार ने जब आईसीएआई (ICAI) की सितंबर 2026 की सीए इंटरमीडिएट परीक्षा दी थी तो उनके मन में बस यही चल रहा था कि किसी तरह दोनों ग्रुप निकल जाएं और वे पास हो जाएं. लेकिन जब 22 अक्टूबर को रिजल्ट आया तो उनके कुल 472 अंक थे और वे पूरे देश में 14वें स्थान पर थे. सीए परीक्षा में उनके इस शानदार प्रदर्शन में उनके विषयवार नंबरों ने भी बड़ा रोल निभाया. सीए इंटरमीडिएट 2026 परीक्षा में उन्हें एडवांस्ड अकाउंटिंग में 92 और कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग में 87 अंक मिले थे.
सीए परीक्षा की तैयारी के लिए बनाया टाइमटेबल
रौनक कुमार अपने सख्त और व्यवस्थित टाइमटेबल को सीए परीक्षा में सफलता का श्रेय देते हैं. उन्होंने नवंबर 2025 से रिकॉर्डेड लेक्चर्स के जरिए सीए परीक्षा की तैयारी शुरू की थी. उनका दिन सुबह 8 बजे से शुरू होता था और हर घंटे अलग-अलग विषयों की क्लास चलती थी. उनकी सबसे बड़ी खूबी थी कि उन्होंने कभी कोई बैकलॉग (पेंडिंग काम) जमा नहीं होने दिया. क्लास खत्म होते ही वे तुरंत रिवीजन और होमवर्क पूरा करते थे. इससे सिलेबस का भारी बोझ कभी उनके दिमाग पर हावी नहीं हुआ.
मई तक लेक्चर खत्म, फिर शुरू हुआ मॉक टेस्ट का दौर
रौनक कुमार ने अपनी स्ट्रैटेजी के तहत मई के आखिर तक अपने सारे ऑनलाइन लेक्चर खत्म कर लिए थे. इसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए मॉक टेस्ट, आरटीपी (RTP), एमटीपी (MTP) और पिछले सालों के प्रश्न पत्र हल करने शुरू कर दिए. इससे उन्हें सीए परीक्षा का पैटर्न समझने में बहुत आसानी हुई. अपने सिलेबस और रिवीजन पर नजर रखने के लिए वे डिजिटल या फिजिकल ट्रैकर का इस्तेमाल करते थे. इससे कोई भी चैप्टर या टॉपिक छूटा नहीं.
कॉस्टिंग की कमजोरी को बना लिया ताकत
हर स्टूडेंट के जीवन में कोई न कोई ऐसा विषय होता है, जो उसे डराता है. रौनक के लिए वह विषय ‘कॉस्टिंग’ था. लेक्चर खत्म होने के बाद भी उनके मन में कई डाउट्स थे. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने लगातार कॉन्सेप्ट्स रिवाइज किए और रोजाना सवालों की प्रैक्टिस की. उनकी मेहनत रंग लाई और जिस विषय से उन्हें डर लगता था, उसी कॉस्टिंग में उन्होंने 87 अंक हासिल किए. इससे साबित होता है कि नियमित प्रैक्टिस से किसी भी कठिन विषय को आसान बनाया जा सकता है.
परिवार के पहले सीए बनेंगे रौनक
सीए इंटरमीडिएट 2026 परीक्षा में सफल होने के बाद से रौनक के हौसले काफी बुलंद हैं. वे अपने परिवार के पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहते हैं. अब वह सीए फाइनल में भी ऑल इंडिया रैंक लाने का सपना देख रहे हैं. अपनी कामयाबी का श्रेय वे अपने परिवार को देते हैं. उनका सपोर्ट ही उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है. भविष्य में वह देश की किसी प्रतिष्ठित ‘बिग फोर’ फर्म में काम करने के बाद इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं.

