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New Vertical Pamban Bridge- देश के अनूठे पंबन का उद्घाटन रामनवमी के दिन यानी 6 अप्रैल को होना है. इसके तैयार होने में छह साल का समय लगा है,इस बीच कोरोना भी था. वहीं पुराने पुल को तैयार होने में इतना समय लगा कि …और पढ़ें
रेल मार्ग से कनेक्ट हो जाएगा रामेश्वरम.
हाइलाइट्स
- नए ब्रिज का निर्माण 2019 में हुआ था शुरू
- 2018 में तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने की थी घोषणा
- 6 अप्रैल को होना है ब्रिज का उद्घाटन
नई दिल्ली. देश के पहला वर्टिकल लिफ्ट होने वाला पंबन ब्रिज बनकर तैयार हो गया है. प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन 6 अप्रैल यानी रामनवमी के दिन करेंगे. इस अनूठे ब्रिज को तैयार करने में छह साल का समय लग गया. लेकिन पुराने पंबन ब्रिज को तैयार करने में इतना लंबा समय लगा था, जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे. हालांकि यह भी बड़ी बात है कि जब निर्माण के क्षेत्र में इतनी तकनीक नहीं था, उसके बावजूद समुद्र के अंदर ट्रेन चलाने के लिए ब्रिज तैयार किया गया.
पंबन ब्रिज की आधारशिला मार्च 2019 में पीएम नरेंद्र मोदी ने कन्याकुमारी में रखी थी. नवंबर 2019 से नए पंबन ब्रिज निर्माण शुरू हुआ था. मार्च 2023 तक इसका निर्माण कार्य पूरा होना था. लेकिन कोरोना आने की वजह से इसमें थोड़ा समय लग गया. यह पुल 2.05 किमी लंबा है. विलंब होने के बावजूद इसे तैयार करने में केवल छह साल का समय लगा है. अगर निर्माण की प्रक्रिया शामिल करें तो साल साल में बना है. 2018 में तत्कालीन रेलमंत्री पीयूष गोयल ने नए ब्रिज के निर्माण की घोषणा की थी.
पुराना ब्रिज 34 साल से अधिक समय में हुआ तैयार
भारतीय रेलवे के अनुसार पुराने ब्रिज को तैयार होने में 34 साल से अधिक का समय लगा है. इस ब्रिज के निर्माण के प्रयास 1870 के दशक में ही शुरू हो गए थे. जब ब्रिटिश सरकार ने श्रीलंका तक व्यापार संपर्क बढ़ाने का फैसला किया था. लगभग 2.2 किलोमीटर लंबे और 143 खंभों वाले इस ब्रिज को 1914 में चालू किया गया था, जो मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक के बाद भारत का दूसरा सबसे लंबा समुद्री पुल है.
यह है दोनों में फर्क
पुराने पुल की तुलना में नया पुल तीन मीटर ऊंचा और समुद्र तल से 22 मीटर ऊंचा है. पंबन नया ब्रिज शेज़र रोलिंग लिफ्ट तकनीक पर काम करता है, जिससे फ़ेरी या शिप की आवाजाही के दौरान 90 डिग्री के कोण पर ऊपर की ओर खुलती है. वहीं, पुराना ब्रिज दोनेां ओर से 45-45 डिग्री के कोण तक ऊपर उठता था.
श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा
नए पंबन ब्रिज के बन जाने के बाद रामेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है. क्योंकि अभी तक रामेश्वरम ट्रेन से सीधा कनेक्ट नहीं है. मंडपम जाने के बाद वहां से टैक्सी या बस से रामेश्वर जाना होता है. इसमें समय ज्यादा लगता है.

