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टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी और उनके पूर्व पार्टी सहयोगी तथा एनसीपीआई के कुछ सांसदों के बीच सदन में तीखी नोकझोंक हुई. इस नोकझोंक में एनसीपीआई नेता मिताली बाग, शताब्दी राय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थीं. कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के साथ बने हुए हैं. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि दोनों पक्षों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ.
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी अब मानसून सत्र में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. णमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को सदन में महिला सदस्यों से कथित अभद्रता और दुर्व्यवहार करने और उनके खिलाफ असंसदीय टिप्पणियां करने के मामले में बुधवार को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया. बनर्जी ने कथित तौर पर TMC के एक बागी सांसद को “चोर” भी कहा, जिससे विपक्ष के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद लोकसभा चैंबर के अंदर टकराव की स्थिति पैदा हो गई.
लोकसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे शुरू हुई, तब पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि आज सांसद कल्याण बनर्जी ने कुछ महिला सदस्यों के खिलाफ असंसदीय टिप्पणियां की हैं जिसकी लिखित शिकायत अध्यक्ष ओम बिरला को प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा, “यह सदन की गरिमा के विरुद्ध है. सांसद का यह व्यवहार बहुत आपत्तिजनक है.”
इसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में प्रस्ताव रखा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी, जिन्होंने महिला सांसदों के साथ अभद्रता की और दुर्व्यवहार किया, उन्हें मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित किया जाए. सदन ने इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया जिसके बाद पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने बनर्जी को सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित किए जाने की घोषणा की और उन्हें तत्काल सदन से बाहर जाने का आदेश दिया.
इससे पहले बनर्जी की NCPI सांसदों – मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार – के साथ तीखी बहस हुई थी. ये तीनों पहले TMC से जुड़ी थीं, लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर NCPI में शामिल हो गई थीं. TMC प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे बनर्जी को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सांसदों से बहस करते देखा गया. इस टकराव की असल वजह तुरंत पता नहीं चल पाई. स्थिति को शांत करने के लिए विपक्ष के कई सांसदों ने बीच-बचाव किया. जब कुछ सदस्यों ने बनर्जी से पूछा कि क्या हुआ था, तो वे लोकसभा चैंबर से चले गए. इस बहस के बाद, मिताली बाग, काकोली घोष दस्तीदार और NCPI के अन्य सांसदों ने इस मुद्दे को उठाने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से उनके चैंबर में मुलाकात की. समाचार एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि स्पीकर ने NCPI सांसदों से घटना के बारे में लिखित शिकायत देने को कहा.
यह टकराव तृणमूल कांग्रेस में हुई बड़ी फूट के बीच हुआ है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद, TMC के लगभग 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी और नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए. बागी सांसदों ने लोकसभा में TMC सदस्यों से अलग बैठना शुरू कर दिया और सार्वजनिक रूप से सत्ताधारी NDA सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने की घोषणा की. कल्याण बनर्जी, ममता बनर्जी और TMC नेतृत्व के प्रति वफादार प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

