India
oi-Anjan Kumar Chaudhary
Hyderabad University: तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के 400 एकड़ ‘वन क्षेत्र’ की नीलामी के फैसले का जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। विरोध का केंद्र है हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास स्थित यह भूमि, जिसे राज्य सरकार विकास परियोजनाओं के नाम पर नीलाम करने की तैयारी में है। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों और पर्यावरण की रक्षा से जुड़े लोगों का दावा है कि जिस भूमि की नीलामी की जा रही है, वह ‘वन क्षेत्र’ है, क्योंकि यहां सिर्फ हरियाली ही नहीं, समृद्ध जैव विविधता भी मौजूद है।

Hyderabad University Preotest:400 एकड़ सरकारी जमीन की नीलामी से जुड़ा विवाद क्या है?
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार 400 एकड़ ‘वन क्षेत्र’ की नीलामी का विरोध करने वाले लोगों के मुताबिक, इस क्षेत्र में 237 पक्षी प्रजातियां, 15 स्तनधारी जीव, एक दुर्लभ प्रजाति का स्टार कछुआ और कई अन्य वन्य जीवों का भी बसेरा है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण जल स्रोत भी है।
कांग्रेस सरकार की दलील है कि इस भूमि को ‘वन क्षेत्र’ के रूप में कभी राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया और यह 1974 में स्थापित विश्वविद्यालय के लिए आवंटित भूमि का हिस्सा है।
मई 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने इस भूमि पर सरकार के स्वामित्व को सही ठहराया था, जिसके बाद कांग्रेस सरकार ने इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की।
Hyderabad Forest Land: प्रदर्शनकारी छात्रों और विपक्षी दलों का क्या कहना है?
विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विपक्षी दलों का आरोप है कि कांग्रेस सरकार का यह कदम पर्यावरण विरोधी है और यह सरकार की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) और भाजपा (BJP) ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि यह कांग्रेस का दोहरा रवैया है।
BRS नेता दासोजू श्रवण ने इस नीलामी पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘अगर सरकार को रियल एस्टेट विकसित ही करना है, तो 45,000 एकड़ की ‘फ्यूचर सिटी’ परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का उपयोग क्यों नहीं किया जाता? प्राकृतिक वन क्षेत्र को कंक्रीट के जंगल में बदलने की इतनी जल्दी क्यों?’
Hyderabad University: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान ने और बढ़ाया विवाद
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में इस विरोध को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया और बीआरएस पर ‘ दुष्ट लोमड़ियों’ की तरह विरोध भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘इस क्षेत्र में कोई बाघ या हिरण नहीं हैं, बस कुछ दुष्ट लोमड़ियां हैं, जो विकास को रोकने की कोशिश कर रही हैं।’
रेवंत रेड्डी का यह बयान आग में घी डालने का काम कर गया और छात्रों के प्रदर्शन और तेज हो गए। रविवार को पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे 53 छात्रों को हिरासत में ले लिया, जिससे यह मुद्दा और गरमा गया।
Hyderabad University Proest: पर्यावरणविदों ने किस तरह से जताई है चिंता?
तेलंगाना हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने 1996 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि अगर कोई भूमि हरियाली से आच्छादित है, तो उसे ‘वन क्षेत्र’ माना जाएगा, भले ही वह राजस्व रिकॉर्ड में न दिखे। पर्यावरणविदों का तर्क है कि इस भूमि को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया जाना चाहिए, न कि इसे नीलाम कर कंक्रीट का जंगल बना देना चाहिए।
इसी बीच बुधवार को तेलंगाना हाईकोर्ट ने कांग्रेस सरकारको 3 अप्रैल यानी गुरुवार तक इस 400 एकड़ जमीन पर कोई भी कदम आगे बढ़ाने से रोक दिया है यानी रेवंत रेड्डी सरकार अगली सुनवाई तक यहां न तो कोई पेड़ उखाड़ पाएगी और ना ही जेसीवी मशीन चलवा सकेगी।
Hyderabad Forest Land: कांग्रेस सरकार के रवैए पर सोशल मीडिया पर बवाल
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त बहस चल रही है। लोग कांग्रेस के कथित दोहरे रवैये पर सवाल उठा रहे हैं। खासतौर पर, मुंबई के आरे मेट्रो शेड के विरोध के समय मुखर रहे बॉलीवुड सेलेब्रिटीज की चुप्पी को लेकर भी तीखी आलोचना हो रही है।
जैसे एक पोस्ट में लिखा गया:-
‘हैदराबाद में 400 एकड़ जंगल नष्ट किया जा रहा है, लेकिन वही सेलेब्रिटी जो आरे मेट्रो शेड के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, अब चुप क्यों हैं? कांग्रेस, जो आरे में पर्यावरण बचाने की बात कर रही थी, अब बुलडोजर से इस जंगल को साफ कर रही है।’ सोशल मीडिया पर ऐसे अनेकों कमेंट और तस्वीरें हैं, जिनमें से कुछ AI जेनरेटेड तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया गया है।
Telangana govt has decided to auction 400 acres of land in Kancha Gachibowli.
Students of the University of Hyderabad are protesting, citing concerns that the land is ecologically sensitive, rich in wildlife and also home to a water body. Several students were manhandled and… pic.twitter.com/oRdy8UyrNn
— Anshul Saxena (@AskAnshul) April 2, 2025 “>
Hyderabad Forest Land: रेवंत रेड्डी सरकार की दलील और विपक्ष का पलटवार
रेवंत रेड्डी सरकार का दावा है कि इस परियोजना से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कांग्रेस सांसद किरण कुमार का कहना है, ‘यह विवाद सिर्फ एक राजनीतिक खेल है। BRS ने खुद इस भूमि को लेकर अदालत में लड़ाई लड़ी थी, लेकिन अब कांग्रेस सरकार ने कानूनी लड़ाई जीत ली है, तो वे विरोध कर रहे हैं।’
Where are the 5 star activists & so called celebrities ?
400 acres of Hyderabad Central University land, a massive treasure of biodiversity & home to numerous species of flora & fauna is being bulldozed & auctioned by CONg Govt
No protests from @FarOutAkhtar @deespeak… pic.twitter.com/Z3DqTxtNVi
— Sameer (@BesuraTaansane) April 2, 2025 “>
वहीं, बीजेपी विधायक अलेटी महेश्वर रेड्डी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘जब रेवंत रेड्डी विपक्ष में थे, तो सरकारी भूमि की बिक्री का विरोध करते थे, अब खुद मुख्यमंत्री बनने के बाद वही कर रहे हैं।”
Hyderabad Protest: क्या यह मुद्दा कांग्रेस सरकार को भारी पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला कांग्रेस सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। रेवंत रेड्डी सरकार पहले ही दो महिला पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर आलोचना झेल रही है, और अब यह विवाद उसकी छवि को और नुकसान पहुंचा सकता है।
खासकर जब पार्टी सुप्रीमो और सांसद राहुल गांधी खुद को पर्यावरण संरक्षण का पक्षधर मानते हैं, तो उनकी इस मामले पर चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
SHOCKING VISUALS
Pushpa Scenes in Real Life!
In the dead of night, bulldozers stormed Hyderabad Central University, destroying 400 acres of trees – blinding lights, roaring machines, just like Pushpa’s smuggling scenes!
Wild animals trapped, trees crushed – a shocking,… pic.twitter.com/s2hPhBdOGo
— TeluguScribe Now (@TeluguScribeNow) March 31, 2025 “>
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