गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने बेमौसम बारिश से हुए फसल नुकसान का आकलन करने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण शुरू किया है। सरकार का लक्ष्य 16,000 गांवों के प्रभावित किसानों को त्वरित राहत प्रदान करना है।
India
-Oneindia Staff
गुजरात
के
मुख्यमंत्री
भूपेंद्र
पटेल
ने
राज्य
में
अक्टूबर
के
अंतिम
सप्ताह
से
हुई
बेमौसम
बारिश
के
कारण
किसानों
को
हुए
फसल
नुकसान
पर
गहरी
संवेदना
व्यक्त
करते
हुए
प्रभावित
क्षेत्रों
में
युद्ध
स्तर
पर
सर्वेक्षण
कार्य
शुरू
करवाया
है।
उन्होंने
स्वयं
गीर
सोमनाथ
जिले
के
कडवासण
और
जूनागढ़
जिले
के
पाणीद्रा
गांव
का
दौरा
कर
खेतों
में
खड़ी
फसलों
को
हुए
नुकसान
का
जायजा
लिया
और
किसानों
की
व्यथा
सहानुभूतिपूर्वक
सुनी।

मुख्यमंत्री
ने
कहा,
“राज्य
सरकार
किसानों
के
साथ
पूरी
संवेदना
के
साथ
खड़ी
है
और
उन्हें
नुकसान
से
उबारने
के
लिए
शीघ्र
राहत
पैकेज
घोषित
किया
जाएगा।”
उन्होंने
गांधीनगर
से
रीयल
टाइम
मॉनिटरिंग
करते
हुए
उच्च
स्तरीय
बैठकें
आयोजित
कीं
और
सभी
संबंधित
विभागों
को
समन्वय
के
साथ
सर्वेक्षण
कार्य
तेज़ी
से
पूरा
करने
के
निर्देश
दिए।
राज्य
के
लगभग
70%
प्रभावित
क्षेत्रों
में
सर्वेक्षण
कार्य
पूर्ण
हो
चुका
है।
4800
से
अधिक
टीमें
सर्वेक्षण
कार्य
में
जुटी
हुई
हैं।
शेष
क्षेत्रों
में
सर्वेक्षण
कार्य
24×7
प्रशासनिक
प्रयासों
से
शीघ्र
पूरा
किया
जा
रहा
है।
मुख्यमंत्री
के
साथ
मंत्री
श्री
अर्जुनभाई
मोढवाडिया,
डॉ.
प्रद्युमन
वाजा
और
राज्य
मंत्री
श्री
कौशिकभाई
वेकरिया
भी
प्रभावित
क्षेत्रों
के
निरीक्षण
में
शामिल
रहे।
उन्होंने
किसानों
को
आश्वासन
दिया
कि
सरकार
पूरी
तत्परता
से
उनके
पुनर्वास
के
लिए
कार्य
कर
रही
है।
मुख्यमंत्री
ने
बताया
कि
राज्य
के
249
तहसीलों
के
16,000
से
अधिक
गांवों
की
कृषि
फसलें
प्रभावित
हुई
हैं।
इस
नुकसान
का
सर्वेक्षण
होते
ही
उदारतम
राहत
सहायता
पैकेज
की
प्रक्रिया
शुरू
कर
दी
गई
है।
राज्य
सरकार
के
अन्य
मंत्रियों
ने
भी
प्रभावित
जिलों
का
दौरा
कर
स्थिति
का
जायजा
लिया
है:
-
उप
मुख्यमंत्री
श
हर्ष
संघवी
—
सूरत -
कृषि
मंत्री
जीतूभाई
वाघाणी
—
भावनगर -
आदिजाति
विकास
मंत्री
नरेश
पटेल
—
तापी -
वन
एवं
पर्यावरण
मंत्री
अर्जुनभाई
मोढवाडिया
—
जूनागढ़
और
गीर
सोमनाथ -
सामाजिक
न्याय
मंत्री
डॉ.
प्रद्युमन
वाजा
—
जूनागढ़ -
राज्य
मंत्री
कौशिकभाई
वेकरिया
—
अमरेली
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
यह
राहत
कार्य
केवल
प्रशासनिक
नहीं,
बल्कि
मानवीय
संवेदना
से
प्रेरित
है।
सरकार
का
उद्देश्य
किसानों
को
जल्द
से
जल्द
राहत
पहुंचाकर
उनकी
आजीविका
को
पुनर्स्थापित
करना
है।

