Last Updated:
Export Data : युद्ध और टैरिफ ने जहां पूरी दुनिया को परेशान किया है और सभी देशों के व्यापार पर असर पड़ा है, वहीं चालू वित्तवर्ष में भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है. वाणिज्य मंत्रालय ने आंकड़े जारी कर बताया कि अप्रैल से अगस्त तक भारत का निर्यात अफ्रीका, पश्चिमी एशिया, और दक्षिण एशिया सहित आसियान देशों को भी खूब बढ़ा है.
भारत का निर्यात पश्चिमी एशिया को 47 फीसदी बढ़ा है.
नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका युद्ध व ट्रंप के टैरिफ वार से एक तरफ जहां दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाएं हलकान नहीं, वहीं भारतीय इकनॉमी पर इसका असर न के बराबर दिखा है. विकास दर तो दुनिया में सबसे तेज है ही, लेकिन हमारा निर्यात भी चालू वित्तवर्ष में जमकर बढ़ा है. वाणिज्य मंत्रालय ने 18 अक्टूबर को आंकड़े जारी कर बताया कि बाजारों में विविधता लाने की पहल के कारण अप्रैल-अगस्त अवधि के दौरान अफ्रीका, आसियान और पूर्वोत्तर एशिया समेत विभिन्न क्षेत्रों में भारत के वस्तु निर्यात में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है.
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका-ईरान युद्ध से प्रभावित पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात भी धीरे-धीरे संकट से पहले के स्तर पर लौट रहा है. पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात अप्रैल में 4.2 अरब डॉलर था, जो अगस्त में बढ़कर 5.01 अरब डॉलर हो गया. इस साल जनवरी में यह 6.48 अरब डॉलर था और माना जा रहा है कि साल के खत्म होने तक भारत का निर्यात युद्ध के पूर्व स्तर तक पहुंच जाएगा.
अफ्रीका को सबसे ज्यादा बढ़ा निर्यात
आंकड़ों के अनुसार, अफ्रीका को भारत का वस्तु निर्यात अप्रैल-अगस्त 2026-27 में सालाना आधार पर 47 फीसदी बढ़कर 26.19 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 17.83 अरब डॉलर था. इस दौरान भारत के कुल निर्यात में अफ्रीका की हिस्सेदारी बढ़कर 12.2 फीसदी हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 9.7 फीसदी थी. पूर्वी अफ्रीका को निर्यात करीब दोगुना होकर 94 फीसदी की वृद्धि के साथ 8.95 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. इसके अलावा दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) को निर्यात 53 फीसदी बढ़कर 5.09 अरब डॉलर और उत्तरी अफ्रीका को निर्यात 33 फीसदी बढ़कर 4.03 अरब डॉलर हो गया है. पश्चिमी अफ्रीका को निर्यात इस अवधि में 7 फीसदी बढ़कर 5.57 अरब डॉलर रहा.
आसियान देशों को भी खूब बेचा सामान
अप्रैल-अगस्त के दौरान दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के सदस्य देशों को भारत का निर्यात 56 फीसदी बढ़कर 23.08 अरब डॉलर हो गया. वहीं, पूर्वोत्तर एशिया को निर्यात 37 फीसदी बढ़कर 21.03 अरब डॉलर रहा. दक्षिण एशिया और यूरोप के अन्य देशों को निर्यात में 24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. आसियान में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं.
वाहनों का निर्यात भी खूब बढ़ा
भारत से वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है. सरकार के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान हल्के वाणिज्यिक ट्रक और मध्यम श्रेणी के ट्रक के निर्यात में क्रमशः 71 फीसदी और 67 फीसदी की वृद्धि हुई. यह विदेशी बाजारों में इन वाहनों की मजबूत मांग को दर्शाता है. भारत के कॉमर्शियल वाहनों की डिमांड विदेशी बाजारों में तेजी से बढ़ रही है.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

