India
oi-Sumit Jha
India Pakistan Cease Fire: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दोनों देशों ने सीजफायर की घोषणा कर दी है। शनिवार शाम 5 बजे से यह सीजफायर (Cease fire) लागू हो गया है। भारत के विदेश सचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए इसकी जानकारी दी। हालांकि, शनिवार की रात में पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की खबर आई जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। वहीं अब देश में 1971 की लड़ाई और आज की परिस्थिति पर चर्चा चल रही है। इस चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ऐसी बात कह दी है जिसे सुन कर कांग्रेस नेताओं को मिर्ची लग सकती है।

थरूर के बयान से कांग्रेस में हलचल
दरअसल, सीजफायर की घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया पर 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध की चर्चा जोरों पर है। कांग्रेस बांग्लादेश की आजादी में इंदिरा गांधी की रोल की चर्चा कर रही है। इसी बीच कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने इस चर्चा पर बात करते हुए 1971 की लड़ाई और आज की परिस्थिति में अंतर बता दिया।
#WATCH | Delhi | On the understanding reached between Indian and Pakistan, Congress MP Shashi Tharoor says, “We had reached a stage where the escalation was needlessly getting out of control. Peace is necessary for us. The truth is that the circumstances of 1971 are not the… pic.twitter.com/dowttNX1wj
— ANI (@ANI) May 11, 2025 “>
इसलिए बांग्लादेश को आजाद करा पाए
शशि थरूर ने कहा कि, ‘बांग्लादेश को आजादी दिलाना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है लेकिन 1971 की परिस्थिति एकदम अलग थी, आज की परिस्थिति एकदम अलग है। 1971 में हमने पाकिस्तान को दो हिस्से में तोड़ दिया ऐसा इसलिए हो पाया था क्योंकि बांग्लादेश खुद भी अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था।’
आतंकवादियों को सबक दिया जा चुका है-थरूर
शशि थरूर ने कहा कि, ‘हम एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गए थे जहाँ हालात बेवजह नियंत्रण से बाहर होते जा रहे थे। शांति हमारे लिए ज़रूरी है। सच्चाई यह है कि 1971 की परिस्थितियाँ और 2025 की परिस्थितियाँ एक जैसी नहीं हैं, इनमें काफी अंतर है। यह कोई ऐसी लड़ाई नहीं थी जिसे हम जारी रखना चाहते थे। हमारा उद्देश्य केवल आतंकवादियों को सबक सिखाना था। और वह सबक दिया जा चुका है। मुझे यकीन है कि सरकार पहलगाम की भयावह घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों की पहचान और निगरानी की कोशिश जारी रखेगी।’
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