भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है. कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई और भारत का मोस्ट वॉन्टेड क्रिमिनल अनमोल बिश्नोई अमेरिका से भारत लाया जा रहा है. अमेरिका से उसे लेकर रवाना हुआ विमान बुधवार सुबह करीब 10 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचेगा. इस विमान में उसके साथ पंजाब के दो और वांटेड आरोपी भी भारत भेजे जा रहे हैं. इसके अलावा 197 अवैध प्रवासियों को भी डिपोर्ट कर भारत लाया जा रहा है. कुल 200 लोगों की इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम अनमोल बिश्नोई का है, जिसकी गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन पर भारतीय एजेंसियां लंबे समय से काम कर रही थीं.
अनमोल बिश्नोई वह नाम है, जिसने विदेश में बैठकर भारत में कई अपराधों, सुपारी किलिंग और एक्सटॉर्शन रैकेट को ऑपरेट किया. माना जाता है कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सबसे एक्टिव हैंडलर था, जो विदेश में रहते हुए शूटरों को असाइनमेंट देता था, धमकी भरी चिट्ठियां जारी करता था, फंडिंग मैनेज करता था और टारगेट किलिंग को अंजाम दिलाता था. उसके खिलाफ दर्ज ज्यादातर केस फिलहाल NIA के पास हैं और उसके भारत पहुंचते ही एजेंसी उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार करेगी.
बाबा सिद्दीकी की हत्या का मुख्य आरोपी अनमोल
अनमोल बिश्नोई पर NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल होने का आरोप है. 12 अक्टूबर 2024 की रात बांद्रा में ज़ीशान सिद्दीकी के ऑफिस के बाहर बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कई लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि अनमोल, शुभम लोंकर और ज़ीशान मोहम्मद अख्तर को वांटेड घोषित किया गया था. मुंबई पुलिस ने इस केस में MCOCA लगाया है और अब अनमोल की भारत वापसी के बाद उसकी कस्टडी की मांग भी की जाएगी.
सलमान के घर पर भी करवाई थी फायरिंग
इसके साथ ही अनमोल बिश्नोई सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुए गोलीकांड में भी वांटेड है. अप्रैल 2024 में हुई इस घटना के बाद पुलिस जांच में अनमोल की भूमिका सामने आई थी. इसके अलावा वह सिद्धू मूसेवाला हत्या में भी संदिग्ध कड़ी के रूप में सामने चुका है. NIA ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.
ट्रंप सरकार नई नीति से मिली कामयाबी
दिलचस्प बात यह है कि अनमोल को अमेरिका से भारत भेजे जाने के पीछे अमेरिकी आव्रजन नीति में बड़े बदलाव भी एक अहम कारण हैं. ट्रंप प्रशासन के तहत बनाए गए नए नियमों के अनुसार किसी भी अवैध प्रवासी की पहली इमिग्रेशन या शरण याचिका खारिज होते ही उसे तुरंत हिरासत में ले लिया जाता है. पहले की बाइडन सरकार वाली नीति में आवेदक नई याचिका दायर कर बाहर रह सकते थे, जिससे डिपोर्टेशन में वर्षों लग जाते थे. लेकिन नई नीति के कारण हिरासत अनिवार्य हो गई और कोर्ट इन मामलों को फास्ट-ट्रैक में निपटा रही है, जिससे केस टाइमलाइन 8–10 साल से घटकर करीब 18 महीने हो गई. अनमोल करीब डेढ़ साल से अमेरिकी डिटेंशन में था और उसे इन्हीं नए नियमों के तहत तेजी से बाहर भेज दिया गया.
सूत्रों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई मल्टी-एजेंसी ऑपरेशन का हिस्सा है. अनमोल को कुछ समय पहले कनाडा में भी डिटेन किया गया था, जहां वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए रूसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा था. बाद में उसे अमेरिका में हिरासत में लिया गया और तब से उसके भारत प्रत्यर्पण पर जोर दिया जा रहा था.
बाबा सिद्दीकी के बेटे और पूर्व विधायक ज़ीशान सिद्दीकी ने पुष्टि की है कि उन्हें ईमेल मिला है जिसमें लिखा है कि अनमोल बिश्नोई को ‘यूएस से रिमूव’ कर दिया गया है. ज़ीशान के मुताबिक इसका मतलब है कि अब उसे भारत में उसके अपराधों के लिए ट्रायल का सामना करना होगा.
भारत पहुंचते ही गिरफ्तार होगा अनमोल बिश्नोई
भारत पहुंचते ही अनमोल बिश्नोई को NIA गिरफ्तार करेगी. इसके बाद केंद्र सरकार तय करेगी कि किस एजेंसी को उसकी कस्टडी पहले दी जाएगी, क्योंकि उसके खिलाफ देशभर में मर्डर, एक्सटॉर्शन, धमकी, टारगेट किलिंग और अंतरराष्ट्रीय गैंग ऑपरेशन जैसे कई मामले दर्ज हैं.
अनमोल की गिरफ्तारी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियां बड़ी कामयाबी मान रही हैं, क्योंकि वह लंबे समय से देश के सबसे हाई-प्रोफाइल गैंगस्टर्स में से एक माना जाता था और विदेश में रहते हुए भी उसका अपराध नेटवर्क लगातार सक्रिय था. (एजेंसी इनपुट के साथ)

