नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने देश की नई पीढ़ी यानी जेन-जी वोटर्स की नब्ज पकड़ने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. 29 अगस्त यानी नेशनल स्पोर्ट्स डे के दिन बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी हेडक्वार्टर में एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई है. इस बैठक में देशभर से करीब 45 चुनिंदा नेताओं को दिल्ली तलब किया गया है. इनमें केंद्रीय मंत्रियों से लेकर सांसद, विधायक और पूर्व युवा चेहरे शामिल हैं. पार्टी का मानना है कि आज का युवा पारंपरिक रैलियों और लंबे भाषणों से दूर हो रहा है. वह सोशल मीडिया, शॉर्ट वीडियो और मीम्स के जरिए अपनी राजनीतिक राय बनाता है. ऐसे में बीजेपी अपनी रणनीति को बदलकर युवाओं के बीच सांस्कृतिक और डिजिटल तौर पर प्रासंगिक बनने का नया रोडमैप तैयार कर रही है.
नितिन नवीन की इस बैठक में कौन-कौन से नेता होंगे शामिल?
दिल्ली में होने वाले इस महामंथन के लिए हर राज्य से दो से तीन प्रभावी नेताओं को चुना गया है. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, कमलेश पासवान, गोरखपुर सांसद रवि किशन और बीजेपी महासचिव हरीश द्विवेदी जैसे नाम शामिल हैं. पार्टी ने उन नेताओं को विशेष तौर पर बुलाया है, जिन्होंने पहले युवा मोर्चा में जमीनी स्तर पर काम किया है. पंकजा मुंडे, पूनम महाजन और तेजस्वी सूर्या जैसे नेता अपनी पुरानी रणनीतियों का इनपुट देंगे. इसके अलावा दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्ता और केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी इस चर्चा का हिस्सा बनेंगी. यह टीम सीधे युवाओं की उम्मीदों और चिंताओं को समझने के लिए काम करेगी.
पारंपरिक भाषणों को छोड़कर आखिर क्यों मीम्स और रील्स पर दांव लगा रही है बीजेपी?
आज के समय में युवा पीढ़ी राजनीति को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल चुकी है. वह अब टीवी डिबेट्स या चुनावी मंचों के भाषणों से प्रभावित नहीं होती है. युवा अपना ज्यादातर समय इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बिताते हैं. बीजेपी यह बात समझती है कि केवल सामान्य बयानों से काम नहीं चलेगा. युवाओं के साथ उन्हीं के अंदाज में कनेक्ट करना बहुत जरूरी हो गया है. शॉर्ट वीडियो और ट्रेंडिंग मीम्स किसी भी मुद्दे को कुछ ही सेकंड में वायरल कर देते हैं. इसलिए बीजेपी अब डिजिटल कंटेंट को अपना सबसे बड़ा चुनावी हथियार बनाने की तैयारी कर रही है.
मीम्स और रील्स से तय होगी 2029 की सियासत, बीजेपी मुख्यालय में 45 दिग्गज नेताओं का महामंथन. (File Photo : PTI)
रवि किशन और तेजस्वी सूर्या जैसे चेहरों को क्यों सौंपी जा रही है जिम्मेदारी?
इस बैठक में गोरखपुर सांसद रवि किशन की मौजूदगी को बेहद अहम माना जा रहा है. हाल ही में सीजेपी छात्र आंदोलनों के दौरान रवि किशन के पुराने डायलॉग और डांस क्लिप्स युवाओं के बीच जमकर वायरल हुए. इंटरनेट पर युवाओं ने उनके वीडियोज को नए अंदाज में मीम बनाकर शेयर किया. पार्टी का मानना है कि रवि किशन के पास एक स्वाभाविक सांस्कृतिक जुड़ाव है, जिसे किसी पीआर एजेंसी द्वारा तैयार नहीं किया जा सकता. इसी तरह तेजस्वी सूर्या और अनुराग ठाकुर जैसे तेज तर्रार वक्ताओं की पकड़ युवा वर्ग में काफी मजबूत है. यह पूरी टीम युवाओं की सोच को सीधे पार्टी के एजेंडे से जोड़ने का काम करेगी.
दीपक म्हास्के के नेतृत्व में सोशल मीडिया सेल का ढांचा कैसे बदल रहा है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने का निर्देश दिया था. इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स का गहन ऑडिट भी किया गया. अब नए चीफ दीपक म्हास्के के नेतृत्व में बीजेपी का सोशल मीडिया सेल बड़े पैमाने पर नई भर्तियां कर रहा है. इसमें कंटेंट राइटर्स, वीडियो एडिटर्स और डिजिटल स्ट्रैटजिस्ट्स को शामिल किया जा रहा है. सेल का पूरा फोकस अब जेन-जी वोटर्स के लिए कस्टमाइज्ड कंटेंट तैयार करने पर है. पार्टी स्थानीय स्तर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ भी बड़ा नेटवर्क तैयार कर रही है.
नेशनल स्पोर्ट्स डे के दिन से शुरू होगा देश के सबसे बड़े वोटबैंक का मुकाबला?
29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे के दिन इस हाई लेवल बैठक का होना अपने आप में बड़ा सियासी संदेश है. यह तारीख बताती है कि बीजेपी देश के सबसे बड़े और युवा वोटबैंक को लेकर पूरी तरह एक्टिव हो चुकी है. आने वाले चुनावों में फर्स्ट टाइम वोटर्स की संख्या बहुत निर्णायक साबित होने वाली है. पार्टी की योजना है कि वह कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करे. इसके साथ ही युवाओं के करियर, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी. पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि युवा वर्ग खुद को बीजेपी की नीतियों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ पाए.

