Last Updated:
Allahabad High Court News: पति से तलाक लेकर अलग रहने वाली महिलाओं के लिए भारतीय कानून में कुछ खास व्यवस्थाएं की गई हैं. बिना तलाक लिए पति से अलग रहने वाली पत्नियों को लेकर भी कानूनी प्रावधान हैं, जिसपर अब इला…और पढ़ें
पत्नी को मेंटेनेंस देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है.
हाइलाइट्स
- पत्नी को भरण-पोषण भत्ता देने के मामले में इलाहाबाद हाईकार्ट का बड़ा आदेश
- वैलिड रीजन के बिना पति से अलग रहने वाली महिलाओं को नहीं मिलेगा भत्ता
- हाईकोर्ट ने मेरठ फैमिली कोर्ट के फैसले का किया रद्द, धारा 125(4) का हवाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
पत्नी की दलील
पत्नी की ओर से पेश वकील और स्टेट काउंसल ने दावा किया कि महिला अपने पति की उपेक्षा के चलते अलग रह रही है, इसलिए फैमिली कोर्ट ने सही फैसला लिया था. हाईकोर्ट ने इन दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश और तथ्यात्मक निष्कर्ष परस्पर विरोधाभासी हैं और इससे न्यायिक प्रक्रिया में असंगति उत्पन्न होती है. एसे में आदेश में हस्तक्षेप आवश्यक है. हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला फिर से विचार के लिए फैमिली कोर्ट को वापस भेजा जा रहा है और सुनवाई पूरी होने तक पति को अंतरिम भरण-पोषण के रूप में पत्नी को 3,000 रुपये और बच्चे को 2,000 रुपये प्रतिमाह देना होगा.
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु… और पढ़ें

