Last Updated:
भारत की सरजमीं पर खूंखार आतंकी संगठन ISIS का एक नया सूबा स्थापित करने और सांप्रदायिक दंगों की आग में बेंगलुरु को झुलसाने का नापाक ख्वाब देखने वाले पहले गुनहगार का अंत आखिरकार जेल की काल कोठरी में हो गया है. बेंगलुरु के बेहद चर्चित अल-हिंद ISIS आतंकी साजिश मामले में NIA की विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी मोहम्मद हनीफ खान को देशद्रोह और आतंक के जुर्म में 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है.
2020 के खूंखार आतंकी नेटवर्क पर एनआईए कोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने बेंगलुरु के चर्चित अल-हिंद ISIS आतंकी साजिश मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद हनीफ खान को दोषी करार देते हुए 7 साल के कठोर कारावास (RI) की सजा सुनाई है. अदालत ने उस पर 48 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में जांच एजेंसी के मुताबिक वर्ष 2020 के इस मामले में हनीफ खान पहला आरोपी है जिसे दोषी ठहराया गया है. अब तक इस केस में 20 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है.
जांच में सामने आया कि हनीफ खान उस रेकी टीम का सदस्य था, जिसने कर्नाटक के शिवनासमुद्र और गुंडलुपेट के जंगलों का दौरा कर अल-हिंद ISIS मॉड्यूल के लिए प्रशिक्षण शिविर और ठिकाने बनाने की संभावित जगहों की पहचान की थी. साजिश का उद्देश्य क्षेत्र में ISIS/दाइश का एक प्रांत (विलायत) स्थापित करना था. तफ्तीशकर्ता की जांच के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड मेहबूब पाशा था. उसने बेंगलुरु स्थित अपने घर पर कई बैठकें कर टारगेट किलिंग, सांप्रदायिक दंगे भड़काने और प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के एजेंडे को आगे बढ़ाने की साजिश रची.
जांच में यह भी सामने आया कि मेहबूब पाशा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हथियार और विस्फोटक जुटाने की योजना बनाई थी. उसने हनीफ खान को दो पिस्टल और 60 जिंदा कारतूस भी उपलब्ध कराए थे. इसके अलावा, हनीफ ने साजिश के तहत कई आरोपियों को किराये की कार से बेंगलुरु से पश्चिम बंगाल पहुंचाया था.यह मामला पहले 10 जनवरी 2020 को कर्नाटक पुलिस ने दर्ज किया था, जिसे बाद में NIA ने अपने हाथ में ले लिया. एजेंसी अब भी इस मामले की जांच जारी रखते हुए उस ऑनलाइन हैंडलर की तलाश कर रही है, जिसने इस ISIS मॉड्यूल की साजिश रची थी.

