अखिलेश यादव ने क्या दिया तर्क
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि जब अखिलेश यादव ने गुंडे, माफिया पाले हैं, तो आज उन्हें इन गुंडे-माफियाओं से डर लग रहा है। उनकी सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार कोई हीलाहवाली नहीं कर रही है। उनकी सुरक्षा जिन मानकों के आधार पर होनी चाहिए, बिना किसी राजनीतिक द्वेष के आज उनकी सुरक्षा राज्य सरकार ने सुनिश्चित कर रखी है। दरअसल सपा मुखिया अखिलेश यादव की सुरक्षा का मुद्दा अब धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। हाल ही में सपा सांसद रामजी लाल सुमन से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि मैं अपने दलित सांसद के साथ खड़ा हूं तो मुझे गोली मारने की धमकी मिल रही है। आखिरकार इसके पीछे कौन है।
बीजेपी के लोगों पर कार्रवाई नहीं होती
अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह की धमकियों को सरकार को खुद संज्ञान लेना चाहिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अगर समाजवादी पार्टी के लोग शिकायत कर रहे हैं तो भी एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग कोई भी धमकी दे, सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखते हैं उनके खिलाफ एफआईआर नहीं होती है। कोई कार्रवाई नहीं होती है। इसी क्रम में सपा नेता आईपी सिंह ने अखिलेश यादव का एक वीडियो पोस्ट कर सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। वीडियो में अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं के बीच घिरे नजर आ रहे हैं। लोग फूल-गुलदस्ता लिए उनसे मिलना चाहते हैं। अखिलेश यादव किसी तरह बड़ी मशक्कत के बाद अपनी गाड़ी में बैठ पाते हैं।
गृह मंत्रालय को ध्यान दे
इस वीडियो को पोस्ट कर सपा नेता आईपी सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अखिलेश यादव की NSG सुरक्षा बहाल करने का मुद्दा उठाने की मांग की है। आईपी सिंह ने कहा कि बीजेपी के छोटे-छोटे नेताओं को अभूतपूर्व सुरक्षा दी जा रही है, ऐसे में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती एक गहरी साजिश प्रतीत होती है। यह उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय को ध्यान देना चाहिए।
बता दें, बीते दिनों सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर एनएसजी की सुरक्षा वापस किये जाने की मांग की थी। सपा प्रवक्ता ने बताया कि अखिलेश यादव को पहले जेड प्लस के साथ ही एनएसजी कवर की सुरक्षा मिली हुई थी। बाद में एनएसजी कवर हटा दिया गया था।

