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India-Pak Tension: क्या आपको भी है बीटिंग रिट्रीट का इंतजार, पब्लिक के लिए कब से होगी शुरू, जानें एक-एक डिटेल | India-Pak Tension also waiting for Beating Retreat when start for public know every detail
आज से जनता के लिए खुल जाएगा बीटिंग रिट्रीट समारोह. (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
- बीटिंग रिट्रीट समारोह 20 मई 2025 से फिर शुरू होगा.
- समारोह में अब हाथ मिलाने की परंपरा नहीं होगी.
- हर शाम 6 बजे बीटिंग रिट्रीट समारोह आयोजित होगा.
Beating Retreat Ceremony of BSF: पंजाब के अटारी-वाघा, हुसैनीवाला और सादकी सीमा चौकियों पर भारत के बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच होने वाला बीटिंग रिट्रीट समारोह 20 मई 2025 से फिर शुरू हो रही है. भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते यह समारोह 12 दिन के लिए बंद था. अब हालात में सुधार के बाद, बीएसएफ ने कुछ बदलावों के साथ इस समारोह को फिर से शुरू करने का फैसला किया है.
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इस हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. 8 मई को बीएसएफ ने जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अटारी, हुसैनीवाला और सादकी में होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह को बंद कर दिया था. इस दौरान झंडा उतारने की प्रक्रिया तो होती रही, लेकिन जनता को वहां आने की अनुमति नहीं थी.
अब क्या बदला?
20 मई से शुरू हुए इस समारोह में कुछ बदलाव किए गए हैं. बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच पहले की तरह हाथ मिलाने की परंपरा अब नहीं होगी. साथ ही, सीमा के दरवाजे भी नहीं खोले जाएंगे. बीएसएफ के पंजाब फ्रंटियर के इंस्पेक्टर जनरल अतुल फुलजले ने बताया कि समारोह को छोटा और सुरक्षित रखा जाएगा. यह समारोह हर शाम 6 बजे शुरू होगा और लोग इसे देखने के लिए आ सकते हैं.
क्या है बीटिंग रिट्रीट?
बीटिंग रिट्रीट समारोह 1959 से भारत और पाकिस्तान के बीच एक परंपरा रही है. इसमें दोनों देशों के सैनिक संयुक्त रूप से अपने-अपने देश का झंडा उतारते हैं. अटारी (अमृतसर) जो पाकिस्तान के वाघा के सामने है, हुसैनीवाला (फिरोजपुर) जो गंडा सिंह वाला के सामने है, और सादकी (फाजिल्का) में हर शाम यह समारोह होता है. यह न केवल सैन्य अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि दोनों देशों के बीच एक अनोखी परंपरा का प्रतीक भी है.
क्या है हाल के घटनाक्रम
इस समारोह के फिर शुरू होने से पहले, दोनों देशों के बीच कई घटनाएं हुईं. 23 अप्रैल को बीएसएफ के जवान पूर्णम कुमार शॉ, जो फिरोजपुर में तैनात थे, गलती से सीमा पार कर गए थे. उन्हें पाक रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था. 14 मई को, उन्हें अटारी-वाघा सीमा पर भारत को सौंप दिया गया. इसके बदले में, भारत ने 3 मई को सीमा पार करने वाले एक पाक रेंजर को भी रिहा किया. इन घटनाओं के बाद, दोनों देशों ने 10 मई को युद्धविराम समझौता किया, जिससे तनाव कम हुआ.

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 3 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
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