साइकिल से तय किया सफर
ट्रेनों में भीड़ और सड़कों पर जाम के कारण इन युवाओं ने साइकिल से प्रयागराज जाकर गंगा स्नान करने का फैसला किया। इसके लिए यह युवा 24 जनवरी को अपने गांव से निकले और 30 जनवरी को उन्होंने प्रयागराज में गंगा स्नान किया। यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए निर्भय लिल्हारे ने बताया कि जब उन्होंने यात्रा शुरू तब उनके पास ऐसी कोई योजना नहीं थी कि वह रात में कहां रूकेंगे और क्या खाएंगे। बस महाकुंभ में शामिल होने की इच्छा थी।
उन्होंने बताया कि हम दोनों ने इसी संकल्प के साथ यात्रा शुरू करने का मन मनाया। कपड़े, आवश्यक सामान और थोड़े पैसे लेकर साइकिल से निकल पड़े। यात्रा की शुरुआत में पहले दिन हमने करीब 130 किलोमीटर साइकिल चलाई और पंडरिया पहुंचे। यहां हम लोगों ने रात गुजारी उसके बाद हर दिन 100 किलोमीटर से ज्यादा साइकिल चलाते और जहां रात हो जाती वहीं हम लोग विश्राम कर लेते। उन्होंने बताया कि उन्हें यात्रा के दौरान कहीं भी भीड़ नहीं मिली।
4 से 5 हजार रुपए का खर्च
उन्होंने बताया कि हमारी इस पूरी यात्रा का खर्च महज चार से पांच हजार रुपये ही था। जब हम लोग साइकिल से जा रहे थे तो रास्ते में लोगों का भी सहयोग मिला। हम लोग जहां-जहां पहुंचे वहां लोगों ने हमे रात में खाने और विश्राम करने के लिए जगह भी दी। उन्होंने बताया कि हम लोग करीब एक सप्ताह से ज्यादा समय तक प्रयागराज में रहे। गंगा की आरती में भी भाग लिया। उसके बाद वह फिर साइकिल से रवाना हुए और इसी सप्ताह अपने गांव पहुंचे।

