Mushroom farming : गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के छात्र ‘स्वालंबी छत्तीसगढ़ योजना’ के तहत मशरूम उत्पादन से आत्मनिर्भर बन रहे हैं. कुलपति की पहल पर शुरू इस अभियान में विद्यार्थी ऑयस्टर मशरूम उगाकर उसकी बिक्री से अपनी सेमेस्टर फीस जमा कर रहे हैं. अब तक 40–50 छात्रों की फीस इसी आय से भरी जा चुकी है. 20–25 दिनों में तैयार होने वाले मशरूम से अचार, सूप और पाउडर जैसे उत्पाद भी बनाए जा रहे हैं. यह पहल छात्रों को स्वरोजगार, मार्केटिंग और उद्यमिता का व्यावहारिक अनुभव दे रही है, साथ ही समाज को पौष्टिक आहार उपलब्ध करा रही है.
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