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पशु पॉलीक्लिनिक में पदस्थ वेटरनरी डॉक्टर पंकज पुसाम ने बताया कि इस योजना में किसानों को एक यूनिट में 10 उन्नत और स्थानीय नस्ल की बकरियां और 1 बकरा शामिल है. इसमें स्कीम में जमुनापारी, बरबरी और सिरोही जैसी नस्लें शामिल है. इस योजना में एक बकरी इकाई में कुल लागत 77 हजार 456 रुपए तय की गई है.
भारतीय कृषि में पशुओं का एक अहम योगदान है. पशु न सिर्फ किसान की अतिरिक्त आय में इजाफा करती है बल्कि जैविक खेती में भी सबसे अहम भूमिका निभाती है. यहीं वजह है सरकार भी पशुपालन के लिए किसानों को लगातार प्रोत्साहित करती है. लेकिन भैंस और गाय पालना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है. इसमें दिन भर उनके चारे की व्यवस्था, स्वास्थ्य का ध्यान सब कुछ करना पड़ता है.
इसके अलावा उनके पालन पोषण में लागत भी ज्यादा आती है. वहीं छोटे, सीमांत, बटाई वाले और कृषि मजदूरी करने वाले किसानों के लिए गाय-भैंस पालना थोड़ा कठिन होता है. दूसरी तरफ गाय के बजाय बकरी पालते हैं, तो पशु शेड के लिए जगह भी कम लगती है. वहीं, बकरी को कम चारा लगता और देखभाल पर ज्यादा ध्यान नहीं देना पड़ता है. इसके अलावा बकरी साल में दो बार बच्चे देती है. ऐसे में मुनाफे की ज्यादा गुंजाइश रहती है. यहीं वजह है कि बकरी को गरीब की गाय कहा जाता है.अब मध्य प्रदेश सरकार युवाओं और किसानों के लिए एक योजना लेकर आई है, जिसमें उन्हें बकरी पालन के सब्सिडी भी मिलेगी और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन भी. जानिए क्या है ये योजना.
मोहन सरकार की गजब की योजना
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार को जोड़ने के लिए गजब की योजना शुरू की है. इसमें पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने 10+1 बकरी इकाई योजना शुरू की है. इसके लिए बालाघाट में किसानों और युवाओं के आवेदन मंगाए जा रहे हैं. इसमें बालाघाट विकासखंड के पशु पॉलीक्लिनिक में पदस्थ वेटरनरी डॉक्टर पंकज पुसाम ने बताया कि इस योजना में किसानों को एक यूनिट में 10 उन्नत और स्थानीय नस्ल की बकरियां और 1 बकरा शामिल है. इसमें स्कीम में जमुनापारी, बरबरी और सिरोही जैसी नस्लें शामिल है.
जानिए क्या है सब्सिडी का गणित
इस योजना में एक बकरी इकाई में कुल लागत 77 हजार 456 रुपए तय की गई है. सरकार इस योजना में युवाओं और किसानों को सब्सिडी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलेगी. यानी की बैंक लोन 23 हजार 232 रुपये, अनुदान की रकम 46 हजार 474 रुपये और हितग्राही की जेब से 7 हजार 750 रुपये तय किया गया है. वही, ओबीसी और सामान्य वर्ग से आने वाले हितग्राहियों को 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी. इस श्रेणी में बैंक लोन 38 हजार 724 रुपये, अनुदान राशि 30 हजार 982 रुपये और हितग्राही अंशदान 7 हजार 750 रुपये रहेगा.
कहां और कैसे करें अप्लाई
इस योजना में अगर आप भी अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपको आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र,स्थाई निवास प्रमाण पत्र, समग्र आईडी, ग्राम पंचायत का ठहराव प्रस्ताव, पटवारी का प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी. इच्छुक एवं पात्र हितग्राही योजना की अधिक जानकारी तथा आवेदन प्रक्रिया के लिए अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क कर आवेदन की कार्यवाही कर सकते हैं.

