बिलासपुर की नर्सिंग प्रोफेशनल, अजीता पांडे, न केवल अपने मरीजों की सेवा करती हैं बल्कि सांपों को बचाने के अपने जुनून के लिए भी मशहूर हैं. जहरीले सांपों को संभालने में उनकी निडरता और शांत स्वभाव ने उन्हें “स्नेक गर्ल” का खिताब दिलाया है. नर्सिंग अधिकारी के रूप में काम करते हुए, उन्होंने अब तक हजारों सांपों को बचाकर जंगल में छोड़ा है. उनके इन साहसिक अभियानों के वीडियो इंस्टाग्राम पर खूब देखे जाते हैं, जहां उनके 1.25 लाख फॉलोअर्स हैं.
बचपन से थी पशु प्रेम की प्रेरणा
अजीता एक पशु प्रेमी परिवार से आती हैं. उनके घर में 18-20 कुत्ते, गाय और बछड़े हैं. उन्होंने पहली बार छत्तीसगढ़ में सपेरों से मुलाकात की और 18 साल की उम्र में सांपों को बचाने में रुचि विकसित की. इस काम को गहराई से समझने के लिए, उन्होंने कई किताबों, अखबारों और इंटरनेट आर्काइव्स का सहारा लिया. अपने शोध के जरिए उन्होंने सीखा कि पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने के लिए सांपों का अस्तित्व कितना महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह भी जाना कि अधिकतर सांप जहरीले नहीं होते और मानव जीवन के लिए खतरा नहीं हैं.

