पति पत्नी दोनों हर बार लड़ते हैं आमने सामने चुनाव
राजस्थान की अलग अलग विधानसभा सीटों पर एक ही परिवार के सदस्यों के आमने सामने चुनाव लड़ने के मामले कई बार देखने को मिलते हैं लेकिन पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढा और उनकी पत्नी निशा कंवर हर बार आमने सामने चुनाव लड़ते रहे हैं। नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान राजेंद्र सिंह गुढा ने शिवसेना के टिकट पर झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। 57823 वोट लेकर राजेंद्र सिंह गुढा तीसरे स्थान पर रहे थे। उनकी पत्नी निशा कंवर को महज 197 वोट मिले थे। इससे पहले भी निशा कंवर ने अपने पति के सामने चुनाव लड़ा था और अब झुंझुनूं में हो रहे उपचुनाव में भी दोनों आमने सामने हैं।
कोई मनमुटाव नहीं, फिर भी आमने सामने मैदान में
ऐसा नहीं है कि राजेंद्र सिंह गुढा और उनकी पत्नी के बीच कोई मनमुटाव है। दोनों में कोई मतभेद नहीं है। अपने बेटे बेटी के साथ दोनों साथ ही रहते हैं। पूरा परिवार एक साथ है लेकिन चुनाव के दिनों में नामांकन दोनों ही भरते हैं। उनकी पत्नी निशा कंवर डेढ सौ से दो सौ वोट हर चुनाव में लेती रही है। परिवार के सदस्य राजेंद्र गुढ़ा के समर्थन में चुनाव प्रचार भी करते हैं लेकिन निशा कंवर भी चुनाव मैदान में डटी रहती हैं। इस बार भी राजेंद्र सिंह गुढा और निशा कंवर चुनाव मैदान में डटे हुए हैं।
दो बार बसपा के टिकट पर बने विधायक
राजेंद्र सिंह गुढा वर्ष 2008 और 2018 में बसपा के टिकट पर चुनाव जीत कर विधायक बन चुके हैं। बसपा के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद दोनों ही बार वे कांग्रेस में शामिल हो गए और मंत्री बने। वर्ष 2013 और 2023 में भी चुनाव मैदान में उतरे लेकिन जीत नहीं सके। 2023 का चुनाव उन्होंने शिवसेना के टिकट पर लड़ा और 57823 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
तीन राजनैतिक पार्टियों का दामन थाम चुके गुढ़ा
राजेंद्र सिंह गुढ़ा तीन राजनैतिक पार्टियों में रह चुके हैं लेकिन इस बार वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। वर्ष 2008 का चुनाव उन्होंने बसपा के टिकट पर लड़ा था। वर्ष 2013 में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे। वर्ष 2018 में एक बार फिर बसपा से और 2023 का विधानसभा चुनाव उन्होंने शिवसेना प्रत्याशी के रूप में लड़ा। इससे पहले एक बार वे असदुद्दीन ओवैसी के संपर्क में आए थे। ओवैसी के साथ उनकी मुलाकातें भी हुई। तब ऐसी चर्चाएं उड़ी कि गुढा एआईएमआईएम में भी शामिल होने जा रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

