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सर्वदलीय बैठक में पहुंचे विपक्ष ने टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाए जाने का विरोध किया और सांकेतिक रूप से बाहर निकल गए. हालांकि, थोड़ी देर बाद वे फिर से मीटिंग के लिए लौट आए. संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने कहा कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है.
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का विपक्ष ने शुरू में बहिष्कार कर दिया. हालांकि, थोड़ी देर में वह फिर से बैठक में शामिल होने के लिए लौट आए. बताया जा रहा है कि विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों को बुलाने से नाराज थे.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “आज कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), आम आदमी पार्टी (आप), नेशनल कॉन्फ्रेंस, लेफ्ट पार्टियां और शिवसेना (UBT) समेत पूरा विपक्ष सर्वदलीय बैठक से विरोध स्वरूप बाहर निकल आया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तथाकथित NCPI (जो एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है) के मामले में, टेबल ऑफिस द्वारा दी गई सूची में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की संख्या 28 सदस्य दिखाई गई है. इन तथाकथित बागी 20 सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है.”
उन्होंने आगे कहा, “अयोग्यता से जुड़ी 20 याचिकाएं अभी भी लंबित हैं. 91वें संशोधन के बाद, किसी अलग गुट के लिए कोई गुंजाइश नहीं है. तो संसदीय कार्य मंत्री ने किन आधारों पर इन 20 बागी सांसदों को निमंत्रण दिया और वे इस बैठक में कैसे शामिल हो रहे हैं? हमने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और विरोध के प्रतीक के तौर पर बैठक से बाहर निकल आए हैं. और हम अपनी सभी विपक्षी पार्टियों का धन्यवाद करते हैं.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

