सर्चिंग अभियान से जेल प्रशासन की खुली मिली भगत
बीते दिनों सीएम भजनलाल और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को जेल से जान से मारने की धमकी मिली। इसको लेकर सरकार और जेल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े हुए। इसके बाद जेल विभाग ने प्रदेश की विभिन्न जिलों में इसको लेकर सर्चिंग अभियान चलाया। इसमें कैदियों को आपत्तिजनक सामग्री वितरण करने के मामले सामने आए। इस दौरान दो पुराने मामलों में उदयपुर सेंट्रल जेल के प्रहरी भजन लाल और जयपुर सेंट्रल जेल के प्रहरी संजय कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया हैं। इसके अलावा जोधपुर जेल के प्रहरी राजेश बिश्नोई को सस्पेंड किया है।
कैदियों से जेल कर्मियों की यह मिली भगत आई सामने
जेल की डीआईजी मोनिका अग्रवाल के अनुसार 30 अगस्त 2024 को जयपुर सेंट्रल जेल के पीछे तीन पैकेट में 22 मोबाइल मिले थे। इस मामले में जेल प्रहरी संजय कुमार को गिरफ्तार किया गया था, जिसे अब बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा 12 जुलाई 2024 को उदयपुर सेंट्रल जेल में भी प्रहरी भजनलाल की एक पार्सल में मिली भगत सामने आई। जिसमें चार मोबाइल, तीन बैटरी और 10 तंबाकू की पुड़िया बरामद हुई। इस पर आरोपी भजनलाल को गिरफ्तार किया था, जिसे भी अब बर्खास्त कर दिया गया है। पिछले वर्ष 31 मार्च को जोधपुर सेंट्रल जेल में भी प्रहरी राजेश बिश्नोई की मिली भगत से 16 मोबाइल बरामद हुए। इस मामले में बिश्नोई को फिलहाल निलंबित किया गया है।
बीते दिनों धमकी देने के बाद जेल प्रशासन हुआ अलर्ट
बता दें कि बीते दिनों सीएम भजनलाल और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को जेल से जान से मारने की धमकी देने के दो अलग-अलग मामले सामने आए। इसमें डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को जयपुर सेंट्रल जेल से धमकी मिली। जबकि सीएम भजनलाल को बीकानेर जेल से धमकी मिलने का मामला सामने आया। इन सभी मामलों में जेल विभाग ने एक डीएसपी समेत 9 जेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की हैं। बीकानेर में सीएम भजनलाल को धमकी देने के मामले में पुलिस ने एक जेल कर्मी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। जिनमें दो जेल के कैदी और दो बाहरी लोग शामिल थे।

