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Prime Minister Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अपनी मेहनत के दम पर अपनी किस्मत बदलने वाली महिलाओं की प्रेरक कहानियां अपने X हैंडल से शेयर की हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने X हैंडल से बिहार की मशरूम लेडी अनीता देवी की कहानी शेयर की है.
हाइलाइट्स
- महिला दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी की अनूठी पहल
- कई महिलाओं की प्रेरक कहानियों को शेयर किया
- बिहार की मशरूम लेडी अनीता देवी का नाम शामिल
पटना. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 6 सफल महिलाओं की प्रेरक कहानियों को साझा किया है. उन्होंने इनमें से एक बिहार की अनीता देवी की कहानी भी बताई, जो बिहार में मशरूम लेडी के नाम से जानी और पहचानी जाती हैं. अनीता देवी ने बताया कि वो खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस करती हैं कि पीएम मोदी ने उनका नाम लिया.
अनिता देवी ने बताया, ‘8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है. पीएम मोदी ने ट्वीट करके महिलाओं को प्रेरणा देने का काम किया. पीएम मोदी बहुत लोकप्रिय हैं और महिलाओं के लिए बहुत सोचते हैं. उन्होंने महिलाओं के लिए कई तरह की उद्यम की व्यवस्था की है, जिससे महिलाएं आगे बढ़ सकें.’ अपने काम के बारे में उन्होंने बताया, ‘ साल 2012 में मैं ‘जीविका’ से जुड़ी. उसके बाद हमने मशरूम के उत्पादन की ट्रेनिंग ली. ‘जीविका’ ने हमें बहुत सहयोग किया. पैसों की भी मदद की. आज के समय में मेरे साथ 10 से 12 महिलाएं काम करती हैं, जो ‘जीविका’ से जुड़ी हुई हैं. मैं खुद स्वरोजगार करती हूं और महिलाओं को रोजगार देती भी हूं.’
बिहार से दिल्ली तक मशरूम की बिक्री
अनीता देवी ने बताया कि उनकी एक कंपनी है, जिसमें 600 से अधिक पुरुष और महिला काम कर रहे हैं. इस कंपनी में जैविक खेती से जुड़े जरूरी सामान मिलते हैं और लोगों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित करते हैं. बहुत सारे किसान जैविक खेती से प्रेरित होकर इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया, ‘सीजन के हिसाब से वो प्रतिदिन 50 से 60 किलो तक मशरूम बेचती हैं, वहीं वर्तमान में 30-40 किलो मशरूम बिक रहा है. ‘जीविका’ से जुड़ी हुई कई सारी महिलाएं हमसे मशरूम खरीदकर इसे डोर टू डोर बेचती हैं. वहीं, बाकी के मशरूम मंडी और सब्जियों के दुकानों पर देते हैं. बिहार से दिल्ली तक मशरूम की बिक्री होती है. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल की सहायता लेते हैं.’
मैं अनीता देवी, नालंदा जिले के अनन्तपुर गांव की रहने वाली हूं। मैंने जीवन में बड़े संघर्ष देखे हैं। लेकिन मेरा हमेशा से मन था, अपने दम पर कुछ करने का। 2016 में मैंने खुद स्वरोजगार करने का निर्णय लिया था। उसी दौर में स्टार्ट-अप्स का इतना क्रेज बढ़ गया था। इसलिए 9 साल पहले मैंने भी… pic.twitter.com/DFrQ8sDJd2
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2025

