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Home » All News » मुझे मारने में इनका हाथ, युवक ने 3 पुलिसवालों के नाम लिखे, कहा अब मुझे इंसाफ दिलाना भोले के हाथ में! – alwar police accused of abetment to kill himself amit saini name 3 policemen among 6 in handwritten notes
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मुझे मारने में इनका हाथ, युवक ने 3 पुलिसवालों के नाम लिखे, कहा अब मुझे इंसाफ दिलाना भोले के हाथ में! – alwar police accused of abetment to kill himself amit saini name 3 policemen among 6 in handwritten notes

HawkNewsBy HawkNewsJuly 10, 2025No Comments3 Mins Read
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Alwar Crime News: अलवर में एक 22 वर्षीय युवक, अमित सैनी ने पुलिस प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी मौत के पीछे 6 लोगों के नाम बताए हैं। इनमें से 3 नाम पुलिसवालों के हैं। सभी आपस में दोस्त हैं। युवक के आरोपों ने अब पूरे थाने की नींद उड़ा दी है।

alwar police accused of abetment to suicide youth amit saini names 3 policemen among 6 in suicide note
अलवर पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया।
अलवर: शहर के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक 22 वर्षीय युवक अमित सैनी ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। मृतक ने दो पन्नों के नोट में तीन पुलिसकर्मियों और तीन अन्य लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। नोट में लिखा गया है कि इन छह लोगों ने उसे झूठे आरोप में फंसाकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। राजस्थान पुलिस पर गंभीर आरोपों के साथ आखिरी पंक्ति में अमित ने लिखा, ‘अब मुझे इंसाफ दिलाना भगवान भोले के हाथ में है।’

झूठे आरोप, मारपीट और अपमान की कहानी

मृतक के पिता लक्ष्मण सैनी ने बताया कि 7 जुलाई को सदर थाने के पुलिसकर्मी गुरमीत, मंजीत और फुलसिंह, साथ ही दिनेश राव, अनीश खान और नितिन ने अमित को चोरी के झूठे आरोप में पकड़ा। उसे धारा 151 के तहत थाने में बंद किया गया, जहां पुलिस ने रातभर उसे पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। वकील की मदद से परिजनों ने उसे छुड़वाया, लेकिन पुलिस उसका मोबाइल, पर्स और बाइक वापस नहीं कर रही थी।

जहर खाने से पहले पिता को दी जानकारी

घटना के बाद अमित ने अपने पिता को बताया, ‘इन लोगों ने मुझे बहुत पीटा और जलील किया, मैंने जहर खा लिया है, मुझे बचा लो।’ परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अमित पहले एक निजी अस्पताल में कार्यरत था, लेकिन हाल ही में बेरोजगार था। एक साल पहले ही उसकी शादी हुई थी, संतान नहीं है।

परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा और यदि पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तेजपाल सिंह, एएसपी

पुलिस जांच में जुटी और न्याय की मांग पर अड़े परिजन

शिवाजी पार्क थाने के हेड कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह ने बताया कि अमित को 151 के तहत हिरासत में लिया गया था। अब परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। उधर, परिजन इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की अपील कर रहे हैं। सुसाइड नोट में दर्ज आरोपों को लेकर स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सम्ब्रत चतुर्वेदी

लेखक के बारे मेंसम्ब्रत चतुर्वेदीनवभारत टाइम्स डिजिटल के सहायक समाचार संपादक। पत्रकारिता में राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, नेटवर्क18 जैसी संस्थाओं के बाद टाइम्स इंटरनेट तक 20 साल का सफर। देश-प्रदेश, खेल और शिक्षा, कला एवं संस्कृति जगत में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत ललक…… और पढ़ें