Agency:एजेंसियां
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संसद में बुधवार को भारी हंगामा बरपा जब बीजेपी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की महिला सांसदों ने पीएम मोदी की कुर्सी को घेर लिया. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और बृजमोहन अग्रवाल ने इसे ‘पीएम पर हमले की साजिश’ करार दिया है. जानिए सदन के भीतर ऐसा क्या हुआ कि सत्ता पक्ष ने इसे लोकतंत्र का काला दिन बता दिया.

संसद में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ.
नई दिल्ली. बजट सत्र के दौरान बुधवार को संसद में एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की कड़वाहट को चरम पर पहुंचा दिया है. बीजेपी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में सेंध लगाने और उन पर ‘हमला’ करने की कोशिश का बेहद गंभीर आरोप लगाया है. बीजेपी सांसदों का दावा है कि विपक्षी महिला सांसदों ने सोची-समझी साजिश के तहत पीएम मोदी की कुर्सी को घेर लिया. बीजेपी ने इसे सदन की अवमानना करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और बृजमोहन अग्रवाल के बयानों के मुताबिक, घटना शाम ठीक 5 बजे की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने या महत्वपूर्ण वक्तव्य देने के लिए खड़े होने वाले थे. तभी विपक्ष की महिला सांसद वेल में आ गईं और नारेबाजी करते हुए पीएम मोदी की सीट के बेहद करीब पहुंच गईं.
मनोज तिवारी का बड़ा आरोप: ‘क्या ये पीएम पर हमला करना चाहते थे?’
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, पीएम को जवाब देना था और जैसे ही घड़ी में 5 बजे, महिलाओं को आगे कर इन लोगों ने पीएम की कुर्सी तक और उससे आगे तक घेराव कर लिया. पीएम की कुर्सी तक आने का क्या उद्देश्य हो सकता है? आप हार से इतना बौखला गए हैं? क्या ये पीएम पर हमला करना चाहते थे?” तिवारी ने पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले इन्हीं लोगों ने हमारे दलित सांसद के ऊपर कागज फेंके थे और उनका अपमान किया था, जिसका केस अभी चल ही रहा है. अब ये पीएम की सुरक्षा तक पहुंच गए हैं.
बृजमोहन अग्रवाल: ‘यह कांग्रेस की प्री-प्लान योजना थी’
बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इसे कांग्रेस की एक सुनियोजित साजिश बताया है. उन्होंने कहा, पीएम मोदी की कुर्सी के पास आकर विपक्ष की महिला सांसदों ने उस कुर्सी को घेर लिया. मुझे लगता है कि यह कांग्रेस की प्री-प्लान योजना थी कि प्रधानमंत्री को भाषण देने से रोकना है या उनके ऊपर हमला करना है. ऐसे हालात पैदा करना पूरे सदन की अवमानना है. इसलिए इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
बीजेपी की मांग: कड़ी कार्रवाई हो
इस घटना के बाद बीजेपी आक्रामक मोड में आ गई है. पार्टी का कहना है कि महिला सांसदों को ‘ढाल’ बनाकर पीएम के पास भेजना संसदीय मर्यादा का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन है. सत्ता पक्ष ने स्पीकर से मांग की है कि कुर्सी का घेराव करने वाले सांसदों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और मामले की जांच हो.
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