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Earthquake News: प्राकृतिक आपदाएं किसी को बताकर नहीं आती हैं, लेकिन जब आती हैं तो व्यापक पैमाने पर तबाही मचाती हैं. नेपाल में प्रकृति के हिंसक रूप से पूरी दुनिया रूबरू हुई. अब पश्चिम बंगाल में इसकी झलक देखते ही लोग दहशत में आ गए.
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में देर रात आए भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए. (फाइल फोटो)
Earthquake News: प्रकृति यदि कुपित हो जाए तो उसका रूप कैसा होगा? यदि इसे देखना हो तो नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा को देख ले. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में भी प्रकृति इन दिनों कुपित है. दरअसल, मुर्शिदाबाद में इन दिनों भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है. इस वजह से कई जगहों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं. भूस्खलन की वजह से न्यूज फरक्का रेल रूट बाधित हो गया था, जिसके कड़ी मशक्कत के बाद दुरुस्त किया गया. अब उसी मुर्शिदाबाद में भूकंप के झटकों ने लोगों को दहला दिया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई.
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शनिवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इससे लोगों में दहशत फैल गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप रात 10 बजकर 24 मिनट पर आया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई, जबकि भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 10 किलोमीटर नीचे था. NCS ने इसका केंद्र मुर्शिदाबाद में ही रिकॉर्ड किया है. भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है.
5 बड़े भूकंप जिसने लाई थी तबाही
- 1934 का बिहार-नेपाल भूकंप: 15 जनवरी 1934 को आए 8.1 मैग्नीट्यूड के भूकंप ने बिहार से लेकर नेपाल तक भारी तबाही मचाई. करीब 10,700 से 12,000 लोगों की मौत हुई, जिनमें बिहार में 7,253 मौतें दर्ज की गईं. राजनगर, मधुबनी, दरभंगा, भागलपुर और पटना में बड़ी संख्या में इमारतें और बाजार तबाह हो गए. सीतामढ़ी में एक भी घर सुरक्षित नहीं बचा था.
- 1950 का असम-तिब्बत भूकंप: 15 अगस्त 1950 को आए इस भूकंप की तीव्रता 8.7 मैग्नीट्यूड थी. इसे भारत के इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में गिना जाता है. इसमें करीब 4,800 लोगों की मौत हुई थी. यह भारतीय और यूरेशियन प्लेट के टकराव के कारण आया था.
- 2001 का भुज भूकंप: 7.6 मैग्नीट्यूड के इस भूकंप ने गुजरात में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई. करीब 20,023 लोगों की मौत, 1.66 लाख लोग घायल और लगभग 4 लाख इमारतें क्षतिग्रस्त या तबाह हुईं. गुजरात के कच्छ जिले में करीब 90 फीसदी घरों को नुकसान पहुंचा या वे पूरी तरह नष्ट हो गए.
- 2005 का कश्मीर भूकंप: 7.6 मैग्नीट्यूड के इस भूकंप ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और जम्मू-कश्मीर में भारी तबाही मचाई. इसमें करीब 79,000 से 86,000 लोगों की मौत का अनुमान है.
- 2015 का नेपाल भूकंप: 7.8 मैग्नीट्यूड का यह भूकंप नेपाल के गोरखा जिले में केंद्रित था. भारतीय और यूरेशियन प्लेटों की टक्कर से आए इस भूकंप में नेपाल समेत भारत, बांग्लादेश और चीन में करीब 9,000 लोगों की मौत हुई और 22,000 से ज्यादा लोग घायल हुए. आर्थिक नुकसान का अनुमान करीब 7.8 अरब डॉलर लगाया गया था.
घरों से बाहर निकले लोग
स्थानीय स्तर पर बताया गया कि झटके धुलियान और फराक्का के बीच के इलाके में महसूस किए गए. भूस्खलन और भारी बारिश की मार झेल रहे मुर्शिदाबाद में भूकंप के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई. हालांकि, अभी तक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है. भूकंप की तीव्रता कम होने के बावजूद देर रात अचानक आए झटकों ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया.
बंगाल में पहले भी आ चुके हैं भूकंप
पश्चिम बंगाल और इसके आसपास का बंगाल बेसिन भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र रहा है. इतिहास में कई बड़े भूकंपों का असर बंगाल तक पहुंचा है. विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल बेसिन कई सक्रिय भ्रंश क्षेत्रों के प्रभाव में आता है, इसलिए छोटे-बड़े भूकंपों की गतिविधि को पूरी तरह असामान्य नहीं माना जा सकता.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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