Last Updated:
LR‑LACM Cruise Missile: भारत अब हथियारों का एक्सपोर्टर बन गया है. डीआरडीओ ने LR-LACM मिसाइल विकसित की है, जिसकी रेंज 1500 KM है. ग्रीस को इसकी पेशकश की गई है, जिससे तुर्की चिंतित है.
लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल से अब तुर्की की नींद उड़ेगी.
हाइलाइट्स
- भारत ने ग्रीस को LR-LACM मिसाइल की पेशकश की.
- LR-LACM मिसाइल की रेंज 1500 किलोमीटर है.
- तुर्की LR-LACM मिसाइल से चिंतित है.
जी हां, भारत की स्वदेशी मिसाइल तकनीक का अब दुनिया लोहा मान रही है. डीआरडीओ यानी भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन समय-समय पर कमाल कर रही है. इसने एक ऐसी क्रूज मिसाइल विकसित की है, जो एक तरह से देखा जाए तो ब्रह्मोस से भी घातक है. इसकी रेंज 1500 KM है. इसकी एक और खासियत है कि यह स्टील्थ रडार वाली मिसाइल है. डीआरडीओ की ओर से विकसित इस देसी मिसाइल का नाम है- LR-LAC. यानी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LR-LACM). इसे लेकर तुर्की में हड़कंप मचा है.
बताया जा रहा है कि भारत ने ग्रीस को इस अत्याधुनिक मिसाइल की अनौपचारिक पेशकश की है. अगर ग्रीस के पास भारत की यह मिसाइल हो जाएगी तो इससे तुर्की की टेंशन बढ़ सकती है. कारण कि यह लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल तुर्की के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है. यह मिसाइल 1000 से 1500 किलोमीटर की रेंज और स्टील्थ फीचर के साथ ब्रह्मोस से भी अधिक घातक मानी जा रही है. वैसे भी तुर्की और ग्रीस में भारत-पाकिस्तान जैसी दुश्मनी है.
LR-LACM की मारक क्षमता 1,000 से 1,500 किलोमीटर है. नवल प्लेटफॉर्म से इसकी मारक क्षमता 1,000 किलोमीटर से अधिक है. यह मिसाइल स्वदेशी रूप से विकसित है. इस मिसाइल में स्वदेशी मणिक स्मॉल टर्बो फैन इंजन (STFE) का उपयोग किया गया है, जो इसे कम ऊंचाई पर उड़ान भरने और रडार से बचने की क्षमता प्रदान करता है. यह मिसाइल पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है. यह मिसाइल GPS से लैस है और एक अत्यधिक सटीक मार्गदर्शन प्रणाली का उपयोग करती है. यह लंबी दूरी के रणनीतिक टारगेट के लिए एक बेहतर हथियार है.
तुर्की की चिंता का कारण यह है कि अगर यह मिसाइल की ग्रीस को मिल जाती है तो फिर रीजन में अलग खेल होगा. ग्रीस और तुर्की में दुश्मनी है. इसे भारत-पाक दुश्मनी जैसा समझ सकते हैं. सूत्रों का दावा है कि भारत ने मई 2025 में एथेंस में आयोजित DEFEA 2025 रक्षा प्रदर्शनी में ग्रीस को इस मिसाइल की पेशकश की थी. हालांकि, भारत या ग्रीस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. तुर्की का मीडिया इस कदम को भारत का ‘बदला’ बता रहा है. कारण कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान की मदद की थी. खुद तुर्की का मानना है अगर ग्रीस के पास LR-LACM मिसाइल आएगी तो फिर इजमिर और चनाक्कले में तुर्की के एयरपोर्ट्स और S-400 प्रणालियों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है.
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho… और पढ़ें

