
नई दिल्ली. शेख हसीना सरकार के जाते ही बांग्लादेश पूरी तरह से जिहादियों के कंट्रोल में जाता दिख रहा है. मोहम्मद यूनुस सरकार अपने देश में हिन्दुओं की रक्षा तो कर नहीं पा रही है. अब उनके जिहादियों ने भारतीय हिन्दुओं को निशाना बनाने का पूरा तानाबाना तैयार कर लिया है. देश भर में हिन्दुओं को और आरएसएस के नेताओं को निशाना बनाने की साजिश का पर्दाफाश करने का असम पुलिस में जो दावा किया है, उसके मुताबिक पाकिस्तान की शह पर इस पूरी साजिश का ताना-बाना बुना जा रहा था. बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार देश में किसी भी एजेंसी के सामने यह बात सामने आई है कि बांग्लादेश में जिहादी गतिविधियों को पनपाने का एक पूरा माहौल तैयार किया जा रहा है, जो कि भारत विरोधी है.
अलकायदा इंटरनेशनल और अंसार उल बांग्लादेश जैसे आतंकी संगठनों को पिछले दो महीना में बांग्लादेश की सरजमीन पर एक्टिव किया गया और उसके बाद उनके काडरों को अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए भारत में दाखिल कराया गया. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को धुबरी, गोलपारा, नोगांव सहित राज्य के कुछ जिलों पर कड़ी नजर रखने को कुछ दिनों पहले कहा था. एनआईए को भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा (एक्यूआईएस) और अन्य कट्टरपंथी समूहों की गतिविधियों के बढ़ने की सूचना मिली थी. इसके बाद असम पुलिस को अलर्ट किया गया और इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.
अमस के तीन जिले केंद्र बिन्दू में
खुफिया एजेंसी सूत्रों के मुताबिक असम के धुबरी, गोलपारा और नोगांव जिले अल-कायदा इंटरनेशनल और अंसारुल बांग्लादेश के केंद्र बिन्दू बने, जहां पर भारत विरोधी समूहों की गतिविधियों का संचालन पिछले तीन महीनों में किया जाने लगा. इस साल की शुरुआत में असम पुलिस की एसटीएफ टीम ने पड़ोसी बांग्लादेश से असम में घुसपैठ करने के बाद आईएसआईएस इंडिया प्रमुख हारिस फारूकी और समूह के एक अन्य सदस्य अनुराग सिंह को पकड़ा. फारूकी आतंकवाद संबंधी गतिविधियों के लिए भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी की मोस्ट वांटेड सूची में है. इसके अलावा कुछ दिनों पहले जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेटिव को भी पकड़ा गया है, जिसके बाद इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन की लीड मिली है.
FIRST PUBLISHED : December 20, 2024, 07:13 IST

