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Delhi Art Exhibition: दिल्ली के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में ‘कलर्स फॉर पीस’ कार्यक्रम आयोजित हुआ. 135 देशों से जुड़े इस अभियान में भारत के 1500 बच्चों ने पेंटिंग के जरिए शांति, एकता और भाईचारे का संदेश दिया. बच्चों की इन कलाकृतियों को इटली में भी प्रदर्शित किया जाएगा.
नई दिल्ली: शांति का मतलब क्या है? किसी के लिए इसका मतलब लड़ाई न करना है, तो किसी के लिए सभी धर्मों के लोगों का साथ रहना. दिल्ली में बच्चों ने अपनी पेंटिंग के जरिए शांति को कुछ इसी तरह समझाया. किसी ने अपनी तस्वीर में अलग-अलग धर्मों को एक साथ दिखाया, तो किसी ने दोस्ती और एकता का संदेश दिया. बच्चों का कहना था कि हम सभी अलग जरूर हैं, लेकिन साथ मिलकर रहें तो दुनिया और बेहतर बन सकती है.
Colors for Peace कार्यक्रम में 1500 बच्चे बने प्रतिभागी
8 अक्टूबर को दिल्ली के पुष्प विहार स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में Colors for Peace कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें दिल्ली-NCR के करीब 700 बच्चों ने हिस्सा लिया. वहीं, पूरे भारत से करीब 1500 बच्चों ने अपनी पेंटिंग के जरिए शांति का संदेश दिया. इस कार्यक्रम में स्कूलों के बच्चों के साथ स्ट्रीट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी शामिल हुए.इस पहल का मकसद बच्चों को अपनी बात कहने का मौका देना और उन्हें यह समझाना है कि दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए एक-दूसरे का सम्मान करना कितना जरूरी है.
किसी ने दोस्ती तो किसी ने एकता को बताया शांति
कार्यक्रम में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली काश्वी ने अपनी पेंटिंग में एकता और शांति को दिखाया. उसने बताया कि उसकी तस्वीर का मतलब है कि सभी लोगों को साथ रहना चाहिए और हर धर्म को बराबर समझना चाहिए.वहीं, अनुरा गुप्ता ने अपनी पेंटिंग में दिखाया कि दुनिया में अलग-अलग संस्कृतियों के लोग रहते हैं, लेकिन सभी एक साथ रह सकते हैं. उसका कहना था कि जब लोग मिल-जुलकर रहेंगे, तो उनकी ताकत भी बढ़ेगी.बच्चों की इन बातों से साफ था कि उनके लिए शांति का मतलब सिर्फ लड़ाई न करना नहीं है. इसका मतलब यह भी है कि हम दूसरों की बात समझें और उनकी पहचान का सम्मान करें.
लड़ने के बजाय एक-दूसरे के दोस्त बनें
तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले प्रद्युत राज गुप्ता ने शांति का मतलब बहुत आसान शब्दों में बताया. उसने कहा कि लोगों को आपस में लड़ना नहीं चाहिए, बल्कि दोस्त बनकर रहना चाहिए. उसने अपने दोस्तों को भी यही संदेश दिया.
वहीं, तीसरी कक्षा के तरव धांकर ने अपनी पेंटिंग में एकता और आपसी समझ को दिखाया. उसने कहा कि लोगों को अपने बीच के फर्क को लेकर लड़ने के बजाय एक-दूसरे की अलग-अलग पहचान को अपनाना चाहिए.छठी कक्षा में पढ़ने वाली अनिष्का करमाकर ने विश्व शांति पर पेंटिंग बनाई. उसने कहा कि हमारे देश में अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं. सभी को साथ रहना चाहिए और देश में अशांति नहीं होनी चाहिए.
कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां भी पहुंचीं
इस कार्यक्रम में ट्यूनीशिया के पूर्व प्रधानमंत्री मेहदी जोमा, भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्तोली, दिल्ली की पूर्व महापौर आरती मेहरा, Colors for Peace India की एंबेसडर अरुणिमा कुकरेजा और Colors for Peace के संस्थापक एंटोनियो जियानेली शामिल हुए.अरुणिमा कुकरेजा ने कहा कि इस पहल के जरिए बच्चों को अपने विचार और अपनी संस्कृति के बारे में बताने का मौका मिलता है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत के बच्चों की बनाई पेंटिंग इटली में दिखाई जाएंगी. इसके बाद अगले साल इटली के बच्चों की पेंटिंग भारत लाने की भी योजना है.भारत में इटली के राजदूत ने कहा कि बच्चों को कला के जरिए अपनी बात कहने का मौका देने से वे दूसरों की भावनाओं को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं. शिक्षा और बातचीत के जरिए लोगों के बीच शांति को बढ़ावा दिया जा सकता है.
भारत के बच्चों की पेंटिंग इटली में दिखाई जाएंगी
इवेंट का अंत बच्चों की पेंटिंग्स की एग्ज़िबिशन के साथ हुआ. इनमें से कुछ पेंटिंग्स को 2027 में इटली में होने वाली एग्ज़िबिशन में दिखाने का प्लान है. इंडियन और इटैलियन स्कूलों को ऑनलाइन कनेक्ट करने का भी प्रपोज़ल है, जिससे दोनों देशों के बच्चे एक-दूसरे के कल्चर और आइडिया के बारे में जान सकें.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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