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Home » All News » दिल्ली की उन महिलाओं से मिलिए, जो सुलझाती हैं शहर के सबसे पेचीदे अपराधों की गुत्थी – delhi polices women forensic experts leading the way in solving crimes
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दिल्ली की उन महिलाओं से मिलिए, जो सुलझाती हैं शहर के सबसे पेचीदे अपराधों की गुत्थी – delhi polices women forensic experts leading the way in solving crimes

HawkNewsBy HawkNewsMarch 8, 2025No Comments4 Mins Read
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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की चार महिला फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स, अवनी दत्ता, मिथ्रा मधु, आकांक्षा और शिवांगी गुप्ता अपराध की गुत्थियों को सुलझाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। ये महिलाएं मनोविज्ञान, क्राइम सीन जांच, साइबर क्राइम और फिंगरप्रिंट एनालिसिस की एक्सपर्ट्स हैं। इन महिलाएं जज्बे और इंटेलिजेंस के जरिए पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराधियों को सजा दिलाने मे मदद करती हैं। दिन-रात कठिन कठिन परिस्थितियों में काम करती हैं और सामाजिक धारणाओं को तोड़कर यह साबित करती हैं कि महिलाएं भी इस क्षेत्र में भी शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं।अवनी दत्ता
अवनी दत्ता एक फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक, पीड़ितों और अपराधियों दोनों के साथ काम करती हैं। 2021 से अब तक 100 से ज्यादा मामलों को सुलझाने में उन्होंने मदद की है। पीड़ितों, खासकर यौन उत्पीड़न के मामलों में, उनका काम विश्वास बनाना और उन्हें अपनी कहानी बताने के लिए प्रोत्साहित करना होता है। अपराधियों के साथ, वे उनके झूठ को पकड़ने और सच्चाई का पता लगाने के लिए उनके व्यवहार और बॉडी लैंग्वेज का अध्ययन करती हैं।

दत्ता कहती हैं, “मेरे काम का कोई निश्चित समय नहीं है। मुझे 24/7 उपलब्ध रहना पड़ता है।” उनके काम की सबसे बड़ी चुनौती पीड़ित और आरोपी दोनों का विश्वास जीतना है। वो कहती हैं कि मुझे उन चीजों का पता लगाना होता है जो वे पुलिस से छुपा रहे होते हैं। पीड़ितों को सामाजिक दबाव और पारिवारिक प्रतिक्रियाओं का डर होता है, इसलिए दत्ता उन्हें सुरक्षित माहौल देती हैं ताकि वे खुलकर बात कर सकें।

मिथ्रा मधु
मिथ्रा मधु, एक क्राइम सीन एक्सपर्ट हैं, जो पिछले चार सालों में 2,000 से ज्यादा क्राइम सीन्स की जांच कर चुकी हैं। उनका काम घटनास्थल पर मौजूद सुरागों को इकट्ठा करना और अपराध की गुत्थी सुलझाना है। मधु कहती हैं, “आपको हर समय मानसिक रूप से सतर्क रहना होगा। कभी-कभी केस रात के 2 या 3 बजे आते हैं और कभी-कभी दो केसों के बीच सिर्फ एक घंटे का अंतर होता है। दिन भर में हमारे पास 10-15 केस होते हैं। हम चाहे हत्या, दुर्घटना या महिलाओं के खिलाफ अपराध से निपट रहे हों, हमें तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए।”

फोरेंसिक एक्सपर्ट मधु जब किसी क्राइम सीन पर पहुंचती हैं, तो सबसे पहले वे उस जगह को सुरक्षित करती हैं। फिर वे गवाहों की बातें सुनती हैं और जांच अधिकारी से जानकारी लेती हैं। वे कहती हैं, “एक बार जब हम जांच शुरू कर देते हैं, तो हम यह देखते हैं कि जो जानकारी हमने इकट्ठी की है, क्या वह क्राइम सीन के सबूतों से मेल खाती है। हम उन चीजों को नोटिस करते हैं जो दूसरे लोग मिस कर सकते हैं क्योंकि हमें इसी तरह ट्रेनिंग दी गई है।”

आकांक्षा
26 साल की आकांक्षा एक साइबर क्राइम एक्सपर्ट हैं। वे डिजिटल दुनिया में अपराधियों का पीछा करती हैं, उनके डिजिटल निशान ढूंढती हैं और कोड्स को डिकोड करती हैं। 350 से ज्यादा साइबर क्राइम केस सुलझाने में आकांक्षा का योगदान रहा है, खासकर कॉल सेंटर और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े मामलों में। आकांक्षा कहती हैं, “साइबर अपराधी लगातार अपना तरीका बदलते रहते हैं। हमें उनसे निपटने के लिए हमेशा सतर्क रहना होगा। आरोपी अक्सर गिरफ्तार होने से पहले चैट डिलीट कर देते हैं, लेकिन हम पुलिस के लिए डेटा रिट्रीव करते हैं।”

आकांक्षा रोजाना लगभग आठ डिवाइस की जांच करती हैं, लेकिन कभी-कभी यह संख्या 40 तक पहुंच जाती है। पिछले साल, उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी के मुख्य स्रोत का पता लगाने के लिए 100 वॉलेट्स की जांच की थी।

शिवांगी गुप्ता
27 साल की शिवांगी गुप्ता एक फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट हैं। उन्होंने चार सालों में 3,000 से ज्यादा क्राइम सीन्स का दौरा किया है। वे फिंगरप्रिंट के निशानों का अध्ययन करके पुलिस को सबूत इकट्ठा करने में मदद करती हैं। गुप्ता कहती हैं, “फिंगरप्रिंट विश्लेषण में कई चुनौतियां हैं, जैसे मौसम की स्थिति। हमें मिक्स्ड फिंगरप्रिंट्स को भी मैनेज करना होता है, जैसे कि जब अपराधी के अलावा दूसरे लोग क्राइम सीन पर अपने निशान छोड़ जाते हैं, शायद घबराहट में हर चीज को छू लेते हैं।”

किसी क्राइम सीन पर फिंगरप्रिंट मिलने की कोई गारंटी नहीं होती। गुप्ता कहती हैं, “कभी-कभी मुझे एक भी फिंगर प्रिंट नहीं मिलता तो कभी-कभी 26 मिल जाते हैं।” प्रिंट का विश्लेषण करने में उन्हें आमतौर पर तीन घंटे तक का समय लगता है। फिल्में और सीरियल अपराधियों को फिंगरप्रिंट छुपाने के तरीके सिखा रहे हैं, जो उनके काम को प्रभावित कर रहा है।

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