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Kota Greenfield Airport : कोटा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि एयरपोर्ट के लिए जमीन कांग्रेस सरकार ने उपलब्ध कराई थी. वहीं अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शिलान्यास करने जा रहे हैं, जिससे श्रेय की राजनीति भी शुरू हो गई है.

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कोटा : कोटा में बनने वाले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास से पहले प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. एयरपोर्ट परियोजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया है कि इस परियोजना की नींव कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी.
अशोक गहलोत ने अपने पोस्ट में लिखा कि कोटा में एयरपोर्ट निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी. कांग्रेस सरकार ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए वर्ष 2021 में कोटा में एयरपोर्ट निर्माण के लिए करीब 1250 एकड़ जमीन निशुल्क आवंटित की थी. उनका कहना है कि यह जमीन राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई थी, ताकि कोटा में हवाई सेवाओं का विस्तार हो सके और क्षेत्र के विकास को गति मिले.
गहलोत का दावा: कांग्रेस ने तैयार की एयरपोर्ट की नींव
गहलोत ने यह भी कहा कि वर्ष 2022 में एयरपोर्ट निर्माण क्षेत्र से गुजर रही बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के लिए करीब 120 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था. उनके अनुसार कांग्रेस सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में एक जनसभा के दौरान यहां एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था और राज्य सरकार ने उस वादे को पूरा करने की दिशा में कदम उठाए थे.
कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का कल शिलान्यास
दूसरी ओर अब वर्तमान राज्य सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाते हुए शिलान्यास की तैयारी में जुटी हुई है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार को कोटा के शंभूपुरा क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं. कोटा में एयरपोर्ट बनने से न केवल शहर बल्कि हाड़ौती क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
एयरपोर्ट से हाड़ौती को मिलेगी उड़ान, सियासत भी गरम
एयरपोर्ट शुरू होने से कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जैसे जिलों के लोगों को हवाई यात्रा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी. साथ ही उद्योग, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि शिलान्यास से पहले ही इस परियोजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. एक ओर कांग्रेस इसे अपनी पहल का परिणाम बता रही है, वहीं भाजपा सरकार इसे अपने कार्यकाल में साकार होने वाली बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है. ऐसे में एयरपोर्ट परियोजना के साथ-साथ सियासी घमासान भी चर्चा का विषय बना हुआ है.
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