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RK Singh Journey From Bureaucrat To Central Minister: पूर्व आईएएस अधिकारी आरके सिंह ने भाजपा छोड़ी दी है. बेहद पेशेवर ब्यूरोक्रेट रहे सिंह उस वक्त सबसे ज्यादा सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने बिहार के समस्तीपुर में डीएम रहते हुए भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार किया था.
पूर्व आईएएस अधिकारी आरके सिंह ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है.आडवाणी की गिरफ्तारी से हुए चर्चित
एक नौकरशाह के तौर पर उन्होंने बिहार के कई जिलों में अपनी सेवाएं दी. लेकिन, उसका सबसे चर्चित कार्यकाल बतौर समस्तीपुर जिले के जिलाधिकारी के तौर पर रहा. वह 1990 के दशक में वहां तैनात थे. उनकी पहचान एक कड़क अधिकारी की रही है. उसी वक्त देश में भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी अयोध्या में राममंदिर के लिए रथ यात्रा निकाल रहे थे. उस समय बिहार में लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे. केंद्र में विश्वनाथ प्रताप सिंह की संयुक्त मोर्चा की सरकार थी. उस सरकार को भाजपा ने बाहर से समर्थन दिया था.
उस देश के हालात बेहद नाजुक थे. एक तरफ वीपी सिंह ने अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए मंडल कमिशन की रिपोर्ट लागू की तो दूसरी तरफ अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर आंदोलन काफी आक्रामक रूप ले चुका था. केंद्र और राज्य को सरकारी नौकरियों में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश करने वाले मंडल कमिशन की रिपोर्ट लागू होने के बाद इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन हो रहे थे.
राज्यसभा में एक डिबेट के दौरान आरके सिंह.
आडवाणी की रथ यात्रा
वीपी सिंह की सरकार का पतन
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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