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oi-Sohit Kumar
Bangladesh Fuel Crisis: गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहे बांग्लादेश के लिए भारत एक बार फिर ‘संकटमोचक’ बनकर सामने आया है। भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए आज भारत से 5,000 टन डीजल की एक बड़ी खेप बांग्लादेश भेजी गई है। यह डीजल पश्चिम बंगाल के रास्ते पार्वतीपुर सीमा से बांग्लादेश में प्रवेश करेगा। इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि वहां चल रही तेल की भारी किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लग सकेगी।
बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने ‘ANI’ से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भारत के साथ हुए सालाना समझौते के तहत भारत हर साल पाइपलाइन के जरिए 1.80 लाख टन डीजल की सप्लाई करेगा।

आज जो 5,000 टन डीजल पहुंच रहा है, वह इसी डील का हिस्सा है। समझौते के मुताबिक, अगले छह महीनों में 90,000 टन डीजल भारत से आना है, जिसे बांग्लादेश अगले दो महीनों के भीतर ही पूरा करने की कोशिश कर रहा है।
तेल के लिए मची लूट और छापेमारी
बांग्लादेश इस समय ईंधन की भारी कमी से जूझ रहा है। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, कुछ लालची कारोबारी बाजार में ‘नकली किल्लत’ पैदा करने के लिए तेल की जमाखोरी कर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि सरकार को वाहनों के लिए तेल की लिमिट तय करनी पड़ी है, फिर भी कई पेट्रोल पंपों पर चोरी-छिपे ऊंचे दामों पर तेल बेचा जा रहा है। इसी धांधली को रोकने के लिए ढाका में ‘मोबाइल कोर्ट’ बनाकर पेट्रोल पंपों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। राजधानी के कई स्टेशन तो कल से ही ‘ड्राई’ (खाली) पड़े हैं।
भारत-बांग्लादेश पाइपलाइन: संकट में बड़ा सहारा
यह पाइपलाइन न केवल समय बचाती है बल्कि परिवहन का खर्च भी कम करती है। बीपीसी चेयरमैन ने भरोसा जताया है कि भारत से आने वाली इस खेप के बाद बाजार में सप्लाई सुधरेगी। हालांकि, सरकार अब उन लोगों पर सख्त कार्रवाई कर रही है जो संकट के समय मुनाफाखोरी और तस्करी में जुटे हैं।

