India
oi-Naveen Parmuwal
Pahalgam Terror Attack: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाक-प्रायोजित आतंकियों ने भारत के 26 पर्यटकों को धर्म पूछकर मौत के घाट उतार दिया था और जिंदा बचे लोगों से कहा था कि जाओ मोदी को बता दो। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने इस भयावह आतंकी हमले का ऐसा जवाब दिया है जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में अभूतपूर्व है। हमले के फौरन बाद सरकार हरकत में आई, गृहमंत्री तुरत श्रीनगर रवाना हुए और प्रधानमंत्री भी सउदी अरब का दौरा बीच में ही छोड़कर स्वदेश आ गए। सरकार ने अब तक जो कदम उठाए हैं उससे तो एक बात साफ है कि आतंकवाद का बदला लिया जाएगा और शांति भारतीय नागरिकों की जान की कीमत पर नहीं खरीदी जाएगी।

दशकों से भारत की प्रतिक्रिया सिर्फ बयानबाज़ी और कूटनीतिक विरोध तक सीमित रही है। लेकिन अब यह नया भारत है – निर्णायक, निडर और दृढ़ संकल्पित। जम्मू-कश्मीर के बैसारन घाटी में हुए इस नरसंहार के बाद केंद्र सरकार ने जो ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, एक नज़र उन पर डालते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के मधुबनी से देश को संबोधित करते हुए कहा: आतंकवाद की आखिरी ज़मीन को भी खत्म करके रहेंगे। “हर आतंकी, उसके हैंडलर और समर्थकों को ढूंढ निकालेंगे, सज़ा देंगे, चाहे धरती के किसी भी कोने में क्यों न हों।” गौरतलब है कि प्रधानमंत्री देश में अक्सर हिंदी में भाषण देते हैं लेकिन बिहार की धरती पर बीच में अंग्रेजी में भाषण देकर वे विश्व समुदाय को आगाह करना चाहते थे।
सरकार के 7 निर्णायक प्रहार जो भारत की कूटनीति और रक्षानीति को परिभाषित करते हैं:
1. सिंधु जल संधि का निलंबन
1960 की ऐतिहासिक संधि को स्थगित कर भारत ने स्पष्ट कर दिय कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। जब तक पाकिस्तान आतंक नहीं रोकता तब तक कोई बात नहीं। यह सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि विदेश नीति में बड़ा शिफ्ट है। इसी के साथ मोदी सरकार ने पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को भी एक और जोर का झटका दिया है। पाकिस्तान में अधिकांश कृषि सिंधु जल क्षेत्र में ही होता है। यह फैसला पाकिस्तान को भूख और प्यास से छटपटाने पर मजबूर कर सकता है।
2. पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की देश निकाला
भारत ने पाकिस्तान के तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को निष्कासित किया और इस्लामाबाद से 45% राजनयिक स्टाफ घटाने की मांग की। साथ ही भारत ने पाकिस्तान में भारतीय दूतावास से अपने सैन्य सुरक्षा सलाहकारों को भी वापस बुला लिया है। सरकार का यह फैसला प्रतीकात्मक होने के बावजूद बहुत ही प्रभावशाली है। यहाँ भी संदेश साफ है कि आतंक फैलाने वालों से बातचीत नहीं होगी।
3. सार्क वीज़ा छूट समाप्त
पाकिस्तानी नागरिकों को दी गई वीज़ा छूट योजना खत्म कर दी गई है। देश में मौजूद नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। गृहमंत्री अमित शाह ने भी सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों से बातकर यह कहा है कि वे सभी अपने राज्य से पाकिस्तानी नागरिकों को निकालें। इस कदम से पाकिस्तान के नागरिकों में भी खलबली मची है।
4. अटारी-वाघा बॉर्डर पोस्ट बंद
पंजाब स्थित अटारी की ज़मीनी सीमा क्रॉसिंग को बंद कर दिया गया है। अब भारत और पाकिस्तान के बीच सामाजिक और आर्थिक संबंधों की कीमत चुकानी होगी। दिवालिया हो रहे पाकिस्तान के लिए यह कितना बड़ा झटका उसे केवल इस बात से समझा जाए कि इस लैंड पोस्ट से पिछ्ले वित्त वर्ष (2023-24) में करीब 3886 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ था।
5. वीज़ा सेवा पूरी तरह बंद
पाकिस्तानी नागरिकों को वीज़ा देने की सारी सेवाएं रोक दी गई हैं। पहले से जारी सभी वीज़ा रद्द कर दिए गए हैं, इसमें मेडिकल कारणों से दिए गए वीजा भी शामिल हैं।
6. वाघा बॉर्डर रिट्रीट समारोह में कटौती
हर शाम होने वाली दोस्ती की रस्म अब सीमित कर दी गई है। बीएसएफ ने साफ किया है कि जब हमारे नागरिक मर रहे हैं तो हम दिखावटी दोस्ती नहीं करेंगे।
7. ‘पर्सोना नॉन ग्रेटा’ की घोषणा
भारत ने सभी पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित किया। इससे दोनों देशों के रणनीतिक संवाद पूरी तरह ठप हो गए हैं।
सैन्य मोर्चे पर भी सीधा संदेश: अब सिर्फ शब्द नहीं, शक्ति से जवाब
- आईएनएस विक्रांत अब अरब सागर में गश्त कर रहा है जो भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक।
- ‘आक्रमण’ युद्धाभ्यास के जरिए भारत ने अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया है।
- सतह से हवा में मार करने वाले एमआरएसएएम मिसाइल टेस्ट से समुद्री सुरक्षा को नई धार दी गई है।
ग्राउंड एक्शन: आतंकी ढेर, मददगारों के घर ध्वस्त
- लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर अल्ताफ लल्ली बांदीपोरा में मार गिराया गया।
- उसके सहयोगी आदिल ठोकर (बिजबेहरा) और आसिफ शेख (त्राल) के घर IED और बुलडोज़र से ध्वस्त किए गए।
- पाकिस्तानी आतंकियों अली भाई और हाशिम मूसा के स्केच जारी किया गया है और उनपर रु. 20 लाख का इनाम घोषित।
“मोदी है तो मुमकिन है” – अब सिर्फ नारा नहीं, नया अध्याय है। सबूत पर सबूत देने वाला युग गया। अब यहाँ वो सरकार है जो देती है त्वरित और प्रभावी जवाब उसी जबान में। जी हाँ, यह नया भारत है। और नया भारत जवाब देता है सीने में फौलाद और इरादे में आग के साथ।
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