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Nitish Kumar Hijab Row : बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उस वायरल वीडियो के मुद्दे पर एक सवाल पूछा है, जिसने बिहार की राजनीति और सामाजिक बहस को गर्मा दिया है. राज्यपाल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े बुर्का मामले को अनावश्यक विवाद न बनाने की अपील की.
पटना हिजाब विवाद: आरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार का बचाव किया.पटना. “पिता-बेटी का मामला विवाद कैसे बन सकता है?” बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पटना में हुए हिजाब विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस घटना को पिता-बेटी के रिश्ते की तरह देखा जाना चाहिए, न कि राजनीतिक विवाद के रूप में. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं होना चाहिए था, वो बेटी है और बाप-बेटी के मामले को विवाद कहना ही गलत है. राज्यपाल ने कहा कि वे मुख्यमंत्री का बचाव नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्हें दुख है कि इस घटना को लेकर इतना बड़ा विवाद खड़ा किया जा रहा है. बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे पटना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाते नजर आ रहे हैं. यह घटना हाल ही में 15 दिसंबर को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह की है, जहां महिला अपना जॉइनिंग लेटर ले रही थी.
बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने कथित तौर पर महिला का चेहरा देखने के लिए हिजाब नीचे किया, जिससे महिला असहज दिखी. वीडियो में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उन्हें रोकने की कोशिश करते दिखे. इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है, विपक्ष ने इसे ‘vile act’ यानी घिनौना काम बताते हुए नीतीश की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए. लेकिन, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नजरिये को लेकर उठाए जा रहे सवाल पर ही सवाल खड़ा कर दिया है.
राज्यपाल का भावुक बयान
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, “पिता-बेटी का मामला विवाद कैसे बन सकता है? ऐसा नहीं होना चाहिए, यह गलत है. वह बेटी जैसी है. मैं मुख्यमंत्री का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन क्या वह व्यक्ति सबको अपनी बेटी जैसा मानता है? ऐसा नहीं होना चाहिए. मुझे दुख होता है कि इसे विवाद कहा जा रहा है.” राज्यपाल ने इसे पिता-बेटी के रिश्ते से जोड़ते हुए विवाद न बनाने की अपील की, लेकिन साथ ही घटना को गलत बताया.
विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दल नीतीश कुमार की लगातार आलोचना कर रहे हैं. महिला अधिकार कार्यकर्ता ब्रिंदा अडिगे ने कहा कि हिजाब हटाना महिला की dignity, autonomy और identity पर हमला है, इसे empowerment नहीं कहा जा सकता. वहीं, घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी, जहां कुछ ने इसे सांस्कृतिक असंवेदनशीलता बताया तो कुछ ने नीतीश के इरादे को पॉजिटिव माना. सोशल मीडिया पर #NitishHijabRow ट्रेंड कर रहा है.
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