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Araria DM Vinod Duhan unique initiative : अररिया जिला प्रशासन ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में नई पहल शुरू की है. डीएम विनोद दुहन की पहल पर चल रहे ‘जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों की गंभीर बीमारियों की जांच कर रही है और मरीजों का इलाज भी शुरू कराया जा रहा है.
अररिया में घर-घर स्वास्थ्य जांच अभियान. DM विनोद दुहन की पहल से कैंसर और शुगर की समय पर पहचान
अररिया. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अररिया जिले में डीएम विनोद दुहन की अनोखी पहल से ग्रामीण चिकित्सा में बेहतरीन सुधार देखा जा रहा है. 28 लाख की आबादी वाले इस जिले में डीएम की पहल पर “जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्र में डोर-टू-डोर माउथ कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, एनीमिया,शुगर, मोतियाबिंद और ब्लड प्रेशर जैसे गंभीर बीमारियों का स्क्रीनिंग कर बीमारी की पुष्टि होने पर उपचार भी किया जा रहा है. डीएम की इस पहल की ग्रामीण काफी सराहना कर रहे हैं.
पिछड़े जिले में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का प्रयास
बता दें कि भारत-नेपाल सीमा से लगा अररिया जिला हर साल बाढ़ और कटान का दंश झेलता है. इस जिले में ज्यादातर लोग खेती पर निर्भर हैं और अपने परिवार के भरण-पोषण की आपाधापी में लोग अपने स्वास्थ्य को नजरंदाज कर देते हैं. नीति आयोग के रिपोर्ट के मुताबिक भी यह जिला भारत के सबसे पिछड़े जिले में शामिल है. यही वजह है कि डीएम की पहल पर “जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार” कार्यक्रम की यहां शुरुआत की गई है.
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्र में डोर टू डोर अभियान चलाकर 30 वर्ष के ऊपर उम्र के लोगों की न केवल स्क्रीनिंग कर रहे हैं, बल्कि बीमारी की पुष्टि होने पर उपचार कर रहे हैं और सलाह भी दे रहे हैं. इस अभियान की ग्रामीण प्रिंस कुमार और नरेश मेहता जिलाधिकारी की पहल की सराहना करते हुए बताते हैं कि अररिया में यह पहला मौका है जब डॉक्टर लोगों के घर-घर जाकर जांच और उपचार कर रहे हैं.
अब तक सामने आए ये आंकड़े
डीएम विनोद दुहन ने बताया कि इस अभियान के तहत हमारा लक्य् साढ़े 12 लाख तक की आबादी तक पहुंचना है. डीएम ने बताया कि अब तक के स्क्रीनिंग में कैंसर के 26 मामले की पुष्टि हुई है वहीं, गंभीर एनीमिया के 616 मामले सामने आए हैं. इसी तरह मोतियाबिंद के 369 मामले, शुगर के 4203 और 5190 लोगों में ब्लड प्रेशर की पुष्टि हुई है. सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है. डीएम ने बताया कि ग्रामीण चिकित्सा में गुणात्मक सुधार हो और लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों इसी उद्देश्य से हमने इस अभियान की शुरुआत की है.
जागरूकता के साथ इलाज पर भी जोर
अररिया के डीपीएम संतोष कुमार बताते हैं कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर हर घर का दरवाजा खटखटा रही है और ग्रामीणों का हेल्थ चेकअप लगातार किया जा रहा है. डॉक्टर और नर्स ग्रामीण क्षेत्र में एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं और ग्रामीणों में भी इस अभियान को लेकर ख़ासा उत्साह नजर आ रहा है.
लाखों लोगों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवा
नर्स रानी कुमारी बताती हैं कि ज्यादातर लोग अपने परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी में स्वास्थ्य को नजर अंदाज कर देते हैं. ऐसे में बीमारी जब गंभीर रूप ले लेती है तो गरीबी के उपर आर्थिक नुकसान का चोट भी लगता है. लेकिन, अब अररिया डीएम की इस अनोखी पहल से न सिर्फ ग्रामीण चिकित्सा में बहुत अच्छा सुधार देखा जा रहा है, बल्कि लोग प्राइवेट चिकित्सा के खर्चीले झंझट से भी बाहर निकलते हुए नजर आ रहे हैं.
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