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गुरुग्राम के हिट एंड रन मामले में लेडी बाइकर सिया को टक्कर मारने वाले ड्राइवर कल्याण सिंह बैंसला को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने महिला बाइकर के साथ बहस के बाद उसे जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह सड़क पर गिर गई और उसकी बाइक करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई. हालांकि इस दौरान सिया को गंभीर चोटें नहीं आई हैं लेकिन उसने पुलिस में शिकायत दे दी है. हालांकि यह पहला मामला नहीं है, आए दिन रोड रेज या हिट एंड रन के मामले सामले आते हैं, ऐसे मामलों से बचना जरूरी है. आइए जानते हैं वे 5 सावधानियां जिन्हें बरतने से ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है और सुरक्षित रहा जा सकता है.
गुरुग्राम के हिट एंड रन मामले ने तूल पकड़ लिया है. एक कार चालक ने लेडी बाइकर सिया को जोरदार टक्कर मार दी और फरार हो गया. वायरल हुए वीडियोज में देखा गया कि रोड पर चलने के दौरान ही पहले दोनों के बीच में कुछ कहासुनी होती है और फिर गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर फर्राटा भरती बाइकर को पीछे से तेज स्पीड में आकर कार चालक ने साइड से टक्कर मार दी.
कार की टक्कर से बाइकर सड़क पर गिर जाती है और उसकी बाइक करीब 100 मीटर तक घिसटती चली जाती है. इस मामले में पुलिस ने आरोपी ड्राइवर कल्याण सिंह बैंसला को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है. अब इस मामले में पुलिस सभी पहलुओं से जांच करेगी और पूछताछ करेगी. पीड़ित बाइकर सिया जिंदा है और ठीक है. हालांकि पुलिस ही नहीं विशेषज्ञ भी लोगों से रोड पर चलते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं.
सड़कों पर रोड रेज या हिट एंड रन के मामले नए नहीं हैं, बल्कि अक्सर ऐसे केस सामने आते हैं. कहीं बाइकर्स तो कहीं कार चालक ही बेतरतीब तरीके से गाड़ियां चलाते हैं. ऐसे में जरूरी है कि गुरुग्राम जैसे मामलों से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरती जाएं और सड़क का इस्तेमाल नियमों के तहत किया जाए. ताकि अपनी और लोगों की जान भी बची रहे और किसी को कोई नुकसान भी न हो. तो आइए जानते हैं कि जब भी गुरुग्राम जैसे हालात बनें तो कौन सी 5 सावधानियां बरतनी चाहिए.
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शांत रहें और दूरी बनाएं- जब भी रोड पर ऐसा नजारा हो तो कोशिश करें कि एक दूसरे वाहन चलाक से दूरी और शांति बनाएं. उससे आंखें न मिलाएं, हाथ के इशारे या गाली-गलौज करने से बचें. सामने वाले को गुस्सा न दिलाएं और न ही खुद गुस्सा हों, गहरी सांस लें और शांत रहें. अगर संभव हो तो लेन ही बदल लें. स्पीड कम करें या किनारे हो जाएं ताकि दूसरा व्यक्ति आगे निकल जाए. बाइक पर हैं तो ट्रैफिक में से निकलकर सुरक्षित जगह पहुंचने की कोशिश करें. कार में हैं तो दरवाजे लॉक रखें और खिड़कियां ऊपर करें.
वाहन से बाहर न निकलें, न उतरें- मुंह से हो रही जुबानी जंग के बाद सड़क पर ही कार या गाड़ी खड़ी करके बाहर न निकलें, वहीं बाइक पर हैं तो तुरंत बाइक रोककर सड़क पर न आएं. कार से बाहर निकलना या बाइक से उतरकर बहस करना सबसे खतरनाक कदम है. कई घटनाओं में यही मारपीट या बदतर स्थिति का कारण बनता है. वहीं अगर दूसरा व्यक्ति बाहर निकल आए तो अपने वाहन में सुरक्षित रहें और वहां से निकलने की कोशिश करें न कि उससे उलझने का.
माफी किसी भी लड़ाई-झगड़े का सबसे बेहतर उपाय है. अगर सामने वाला गलती भी कर रहा है तो उसे माफ कर दें और शांति बनाए रखें. अगर गलती आपकी तरफ से लग रही हो या स्थिति बिगड़ रही हो तो हल्के से माफी मांग लें, उससे कुछ घटना-बढ़ना नहीं है. सामने वाले से कोशिश करें कि शांत स्वर में बात करें. कई बार इससे गुस्सा शांत हो जाता है. बहस या जैसे को तैसा वाला व्यवहार बिल्कुल न करें.
अगर सड़क पर परिस्थितियां ज्यादा खराब हो रही हैं और आपके शांत रहने से सामने वाला ज्यादा आक्रामक हो रहा है तो सबसे पहले खुद को सुरक्षित करें और सबूत इकट्ठा करें. जैसे मोबाइल से नंबर प्लेट, आरोपी का चेहरा और घटना का वीडियो रिकॉर्ड करें, लेकिन ऐसा करने के लिए उसके सामने न जाएं. डैशकैम हो तो और अच्छा है क्योंकि यही सबूत बाद में पुलिस के लिए काम आते हैं और आपके लिए मजबूती का कारण बनते हैं.
अगर हालात बेहद खराब हों तो बिना खुद से कुछ कदम उठाए तुरंत पुलिस को कॉल करें. इमरजेंसी नंबर 112 डायल करें. अगर आप सुरक्षित हैं तो नजदीकी पुलिस स्टेशन की तरफ बढ़ें या वहां जाएं जहां भारी-भीड़ भाड़ हो. घटना की जगह, समय, वाहन नंबर और क्या हुआ, ये सभी संक्षेप में बताएं. पुलिस के आने तक ट्रैफिक न रोकें और शांत रहें. हमेशा ध्यान रखें कि खुद को खतरे में डालने वाली गतिविधियां न करें.

