Patan Medical College Ragging: अगर आपको लगता है कि स्कूल-कॉलेजों में रैगिंग अब बीते जमाने की बातें हो गई हैं तो जरा गुजरात के पाटन से आ रही इस खबर को एक बार पढ़ लीजिए. यहां धारपुर स्थित जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जो हुआ वो जानकर आप भी अंदर तक सदमे में जा सकते हैं. जूनियरछात्रों के एक गुट को सीनियर ने यहां रैगिंग के लिए रोक लिया. फिर उन्हें धूप में खड़ा कर दिया गया. तीन घंटे बाद एक छात्र बेहोश हो गया. अस्पताल ले जाने पर उसे मरा हुआ घोषित कर दिया गया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
नाम न बताने की शर्त पर एक इस ग्रुप में रैगिंग का शिकार हुए छात्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि सात से आठ सीनियर छात्रों ने जूनियर के एक ग्रुप को जान-पहचान के लिए रोक लिया. हमें तीन घंटे तक खड़े रहने के लिए मजबूर किया गया. हमें कहा गया कि खड़े रहो और किसी को गुस्सा करने या उत्तेजित होने की जरूरत नहीं है. अंत में हमारे साथ खड़ा एक छात्र बेहोश हो गया. हम उसे अस्पताल ले गए. जहां डॉक्टरों ने उसे मरा हुआ पाया.
डीन ने दिए जांच के आदेश
धारपुर स्थित जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. हार्दिक शाह ने टीओआई से कहा कि इस घटना की जांच की जा रही है. 18 साल के छात्र अनिल मेथानिया शनिवार रात हॉस्टल में सीनियर्स द्वारा रैगिंग के दौरान कथित तौर पर तीन घंटे तक खड़े रहने पर बेहोश होकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई. मेथानिया सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगधरा तालुका के जेसदा गांव का निवासी था.
पुलिस भी कर रही मामले की जांच
शाह ने कहा कि उनके साथियों ने बताया है कि मेथानिया की मौत कॉलेज के हॉस्टल में तीन घंटे तक खड़े रहने और वरिष्ठों के सामने अपना परिचय देने के बाद हुई. कॉलेज की एंटी-रैगिंग सेल ने जांच शुरू कर दी है. बलिसाना पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया गया और आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया. पुलिस भी इस मामले में जांच कर रही है.
FIRST PUBLISHED : November 18, 2024, 09:42 IST

