वित्त मंत्री ने कहा कि हालिया बजट में किए गए प्रावधान और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट सीधे तौर पर तमिलनाडु और केरल को फायदा पहुंचाते हैं. उन्होंने रेलवे, ग्रामीण रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र में किए गए भारी निवेश का जिक्र करते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार के समर्थन का साफ सबूत है.
‘जी राम जी को दिए 95000 करोड़’
केंद्रीय आवंटन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘जी राम जी कानून (VB G Ram G Act) के तहत 95 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं. मनरेगा के लिए 30 हजार करोड़ रुपये रखे गए हैं. कुल मिलाकर 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है. क्या इससे तमिलनाडु और केरल को फायदा नहीं होगा?’
उद्योगों में निवेश पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, ‘सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं. क्या ये उद्योग तमिलनाडु में नहीं हैं?’ उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी तथ्यों की बजाय विचारधारा से प्रभावित होकर राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी ‘पूरी तरह अलगाववादी सोच’ से ग्रस्त है.
निर्मला सीतारमण का कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह पार्टी दशकों से तमिलनाडु में राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक रही है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी 60 साल पहले तमिलनाडु की सत्ता से बाहर हो गई थी और अब डीएमके के सहारे बैसाखियों पर खड़ी है.’
तमिलनाडु की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, ‘अगर कोई डीएमके के लिए खतरा है तो मुझे चिंता करने की जरूरत नहीं है. डीएमके को विजय से डर लग रहा है, यह समझ में आता है. असल में डीएमके इसलिए असुरक्षित महसूस कर रही है क्योंकि एनडीए मजबूत होकर सामने आ रहा है. तमिलनाडु में कांग्रेस कहां है? आज कांग्रेस वहां एक बंटी हुई पार्टी बन चुकी है.’

