Last Updated:
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के वोटर रजिस्ट्रेशन पर बड़े सवाल उठाए थे. आप ने आरोप लगाया कि बिना किसी तय प्रोसेस के उनका नाम लिस्ट में जुड़ा है. अब चुनाव आयोग ने इस मामले में साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया नियम के तहत हुई है. वहीं राघव चड्ढा ने आप को एक बिटर एक्स बताया है. बीजेपी ने भी आम आदमी पार्टी के इन आरोपों को पूरी तरह से झूठा करार दिया है.
वोटर लिस्ट विवाद पर राघव चड्ढा का पलटवार, कहा- मुझे डंप हुए ‘बिटर एक्स’ जैसी लग रही आप. (File Photo : PTI)
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने बीजेपी नेता राघव चड्ढा के वोटर आईडी पर बहुत गंभीर आरोप लगाए थे. आप का कहना था कि राजेंद्र नगर विधानसभा की वोटर लिस्ट में उनका नाम गलत तरीके से शामिल किया गया है. इस पर अब चुनाव आयोग ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. इलेक्शन कमीशन ने बताया है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का काम पूरी तरह से तय नियमों के तहत होता है. किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. इसके साथ ही राघव चड्ढा ने भी आम आदमी पार्टी पर कड़ा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि आप एक बिटर एक्स की तरह बर्ताव कर रही है. बीजेपी के इलेक्शन सेल ने भी आप के इन आरोपों को झूठा और भ्रामक नैरेटिव बताया है
AAP के आरोपों पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?
आम आदमी पार्टी ने 8 सितंबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसमें आरोप लगाया गया कि राघव चड्ढा का नाम वोटर लिस्ट में गलत तरीके से जुड़ा है. उनका कहना था कि राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र-39 की वोटर लिस्ट में धांधली की गई है. दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने अब इस पर कड़ा जवाब दिया है. इलेक्शन कमिशन ऑफिस ने साफ कहा कि किसी भी वोटर का नाम फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 के आधार पर ही जुड़ता है. बिना उचित प्रक्रिया के किसी का नाम न जोड़ा जाता है और न ही हटाया जाता है. यह काम इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर नियमों के तहत करता है. ये फॉर्म साल भर किसी भी समय आसानी से जमा किए जा सकते हैं. इसमें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और वोटर रजिस्ट्रेशन नियम 1960 का पूरी तरह से पालन होता है. 31 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी. यह लिस्ट 30 जून से 17 अगस्त तक चले कैलकुलेशन फेज के आधार पर बनी है. चुनाव आयोग के मुताबिक इसमें किसी भी नियम का उल्लंघन बिल्कुल भी नहीं हुआ है. हर एक काम एक तय गाइडलाइन के मुताबिक ही आगे बढ़ाया जाता है.
आखिर सीरियल नंबर को लेकर आम आदमी पार्टी ने क्या दावा किया है?
आम आदमी पार्टी का दावा था कि ड्राफ्ट लिस्ट में केवल 746 वोट थे. फिर राघव चड्ढा का सीरियल नंबर 747 कैसे हो गया. आप ने इसे एक बहुत बड़ा घोटाला बताने की कोशिश की थी. बीजेपी के इलेक्शन सेल के कन्वीनर एडवोकेट संकेत गुप्ता ने इसे पूरी तरह भ्रामक बताया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों में सप्लीमेंट्री लिस्ट का एक साफ प्रावधान होता है. 16 जून को ड्राफ्ट रोल फ्रीज होने के बाद आने वाले आवेदन इसी सप्लीमेंट्री लिस्ट में जाते हैं. अगर ड्राफ्ट लिस्ट 746 नंबर पर खत्म होती है. तो नया अप्रूव हुआ नाम अपने आप 747 नंबर पर दर्ज होगा. इसमें कोई भी शक या अनियमितता की बात नहीं है. चुनाव आयोग के सिस्टम में नया एपिक नंबर फॉर्म अप्रूव होने के बाद ही जनरेट होता है. 8 सितंबर तक अलग अलग विधानसभाओं में लगभग 700 फॉर्म 6 अप्रूव हो चुके हैं. इसके बाद 4 नवंबर 2026 को फाइनल लिस्ट पब्लिश की जाएगी. आम आदमी पार्टी ने जानबूझकर जनता को गुमराह करने की एक नाकाम कोशिश की है. जो फॉर्म प्रोसेस में हैं उनका काम लगातार सिस्टम पर चल रहा है.
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी की तुलना एक ‘बिटर एक्स’ से क्यों की?
इस पूरे विवाद पर बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने बहुत ही कड़ा रिएक्शन दिया है. राघव चड्ढा ने कहा, ‘मैं अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को डरा रहा हूं’. उनके मुताबिक आप के नेता दिन रात केवल उन्हें टारगेट करने का प्लान बनाते हैं. राघव चड्ढा ने कहा कि जब से उन्होंने भ्रष्ट आम आदमी पार्टी छोड़ी है. तब से आप लीडरशिप इस सच को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है. उनका रवैया पूरी तरह से बदल चुका है. राघव चड्ढा ने कहा, ‘वे एक बिटर एक्स की तरह बर्ताव कर रहे हैं जिसे अभी अभी डंप किया गया हो’. उनका कहना है कि आप ने उन पर हमला करने के लिए एक फुल टाइम डिपार्टमेंट ही खोल लिया है. आप का एक ही फॉर्मूला है कि पहले आरोप तय करो और फिर उसके हिसाब से तर्क ढूंढो. राघव ने साफ किया कि उन्होंने चुनाव आयोग के सभी दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन किया है. उनका वोटर लिस्ट का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह लीगल और नियमों के दायरे में है.
आम आदमी पार्टी चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को बदनाम कर रही: बीजेपी
बीजेपी नेता संकेत गुप्ता ने आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि आप के लिए सामान्य चुनाव प्रक्रिया को विवादित बनाना एक आदत बन गई है. वे हमेशा बिना सबूत के हवा में बातें करते हैं. चुनाव आयोग जैसी बड़ी संवैधानिक संस्था पर बिना आधार के आरोप लगाना सरासर गलत है. आप का मकसद केवल जनता और वोटर्स के मन में चुनाव प्रणाली को लेकर शक पैदा करना है. वे एक झूठा पोलिटिकल नैरेटिव सेट करना चाहते हैं जिससे उन्हें फायदा हो सके. राघव चड्ढा ने भी आप पर बहुत तीखा तंज कसा है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इलेक्टोरल रोल को अपनी पार्टी का पर्सनल रजिस्टर समझ बैठी है. वे हर उस शख्स का नाम काटना चाहते हैं जो केजरीवाल का भ्रष्ट साथ छोड़ देता है. सच्चाई यह है कि तथ्य और प्रक्रिया पूरी तरह से शीशे की तरह साफ हैं. दिल्ली की राजनीति में झूठे आरोपों और अफवाहों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए.
कैसे चुनाव आयोग एक पारदर्शी और साफ सुथरी वोटर लिस्ट तैयार कर रहा है?
चुनाव आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में वोटर रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को बेहद ट्रांसपेरेंट बताया है. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को दिल्ली सीईओ की ऑफिशियल वेबसाइट पर कभी भी आसानी से देखा जा सकता है. इसके अलावा यह सभी बीएलओ और वोटिंग सेंटर्स पर भी पब्लिक के लिए मौजूद है. जो लोग लिस्ट में अपना नया नाम जुड़वाना चाहते हैं वे फॉर्म 6 भर सकते हैं. अगर किसी नाम पर ऑब्जेक्शन है तो फॉर्म 7 भरा जाता है. किसी तरह के करेक्शन के लिए फॉर्म 8 की मदद ली जाती है. एनआरआई वोटर्स के लिए फॉर्म 6ए की खास सुविधा दी गई है. 31 अगस्त से 30 सितंबर तक क्लेम और ऑब्जेक्शन का पूरा समय दिया गया है. ये सारे फॉर्म ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से आसानी से जमा हो सकते हैं. इलेक्शन कमिशन एक पारदर्शी और समावेशी इलेक्शन प्रक्रिया के लिए पूरी तरह से कमिटेड है. आयोग का मुख्य लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक वोटिंग के अधिकार से कभी भी वंचित न रहे. वहीं कोई भी अपात्र इंसान फर्जी तरीके से वोटर लिस्ट का हिस्सा न बन सके.
About the Author
आज तक से टीवी पत्रकारिता शुरू करने वाली प्रियंका कांडपाल को अब तक तकरीबन 11 साल का अनुभव है. तकरीबन चार साल आज तक में रिपोर्टिंग के साथ एंकरिंग भी कर चुकी हैं. उसके बाद इंडिया टीवी में पांच साल तक काम किया. 201…
और पढ़ें

