पूरे भोपाल में नहीं मिला ये ब्लड ग्रुप
एम्स भोपाल में एक गर्भवती महिला, जो एनीमिया से पीड़ित थी, की हालत गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों ने बताया कि उसे तुरंत रक्त चढ़ाने की ज़रूरत है। लेकिन मुश्किल यह थी कि महिला का ब्लड ग्रुप ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ था, जो बहुत ही दुर्लभ होता है। एम्स के ब्लड बैंक में यह ब्लड ग्रुप उपलब्ध नहीं था। महिला की जान खतरे में थी और अगर समय पर रक्त नहीं मिलता तो जच्चा और बच्चा दोनों की जान जा सकती थी।
एम्स भोपाल के निदेशक ने की पहल
इस मुश्किल घड़ी में एम्स भोपाल के निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने डॉक्टरों और ब्लड बैंक की टीम को ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। जब अस्पताल के ब्लड बैंक में यह दुर्लभ रक्त समूह नहीं मिला, तो उन्होंने ‘ब्लड कॉल सेंटर रेड क्रॉस’ नाम के एक सामाजिक संगठन से संपर्क किया। यह संगठन दुर्लभ रक्त समूहों वाले रक्तदाताओं की जानकारी रखता है। इस संगठन के प्रमुख अशोक नायक, जो सालों से रक्तदान के लिए काम कर रहे हैं, ने इस मामले को गंभीरता से लिया और रक्तदाता की तलाश शुरू की।
शिरडी में मिला कॉन्टैक्ट
खोजबीन के दौरान पता चला कि शिरडी में रहने वाले रवींद्र, जिनका ब्लड ग्रुप भी ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ है, मदद के लिए तैयार हैं। लेकिन रवींद्र शिरडी में थे और महिला भोपाल में भर्ती थी। समय बहुत कम था। इसलिए अशोक नायक और एम्स प्रशासन ने मिलकर रवींद्र के लिए एक खास गाड़ी का इंतज़ाम किया। रवींद्र ने 700 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके जल्द से जल्द भोपाल पहुंचने की कोशिश की।
डॉक्टर्स की निगरानी में थी महिला
इस दौरान एम्स के डॉक्टर महिला की हालत पर नज़र रखे हुए थे और उसे स्थिर रखने की पूरी कोशिश कर रहे थे। रवींद्र भी अपनी यात्रा के दौरान लगातार अपनी लोकेशन बता रहे थे ताकि डॉक्टरों को अंदाजा हो सके कि वह कब तक पहुंचेंगे। जैसे ही रवींद्र भोपाल पहुंचे, उनकी मेडिकल जांच की गई और फिर उनका रक्त लिया गया। इसके बाद महिला को रक्त चढ़ाया गया और उसकी जान बच गई। फिलहाल महिला की हालत स्थिर है।
तीन महीने से हो रही थी तलाश
एम्स के डॉक्टर रोमेश जैन ने बताया, ‘वह गर्भवती महिला लगभग चार महीने से हमारे पास आ रही थी। हमें पता चला कि उसका ब्लड ग्रुप ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ है। हम पिछले तीन महीनों से डिलीवरी के लिए उस ब्लड ग्रुप की तलाश कर रहे थे, लेकिन भोपाल में कहीं भी यह ब्लड ग्रुप नहीं मिला। फिर हमें अशोक नायक के बारे में पता चला, जो ब्लड डोनेशन के क्षेत्र में काफी समय से काम कर रहे हैं। उन्होंने हमारा संपर्क शिरडी में रहने वाले रवींद्र से करवाया। रवींद्र रात भर में भोपाल पहुंच गए और उन्होंने रक्तदान किया। इसकी वजह से हम महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवा पाए।’
बॉम्बे ब्लड ग्रुप क्या होता है?
बॉम्बे ब्लड ग्रुप एक दुर्लभ रक्त समूह है, जिसे ‘hh’ ब्लड ग्रुप भी कहा जाता है। यह ABO रक्त समूह प्रणाली का एक असामान्य प्रकार है, जिसमें H एंटीजन की कमी होती है। सामान्य ABO रक्त समूहों (A, B, AB, और O) में H एंटीजन लाल रक्त कोशिकाओं पर मौजूद होता है और यह A और B एंटीजन का आधार होता है। लेकिन बॉम्बे ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों में यह H एंटीजन नहीं बनता, जिसके कारण उनके रक्त में A या B एंटीजन भी नहीं होते, भले ही उनके जीन में इनके लिए कोड मौजूद हो।

