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UPSC Eligibility Rules for NRI OCI: क्या एनआरआई और ओसीआई कार्ड धारक भारत में आईएएस या आईपीएस अफसर बन सकते हैं? जानिए नागरिकता का कानूनी गणित, यूपीएससी परीक्षा के नियम, विदेशी डिग्री की शर्त और ओसीआई कार्ड धारकों के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने का रास्ता.
UPSC Eligibility Rules for NRI OCI: एनआरआई और ओसीआई कार्ड धारकों के लिए अलग-अलग नियम हैं
नई दिल्ली (UPSC Eligibility Rules for NRI OCI). विदेशों में रहने वाले या भारतीय मूल के युवाओं के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या वे एनआरआई या ओसीआई कार्ड होल्डर होते हुए भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दे सकते हैं? भारत में लाल बत्ती की गाड़ी और नौकरशाही का हिस्सा बनने का सपना देखने वाले प्रवासियों के लिए संघ लोक सेवा आयोग के नियम बेहद स्पष्ट हैं. इस मामले में एनआरआई और ओसीआई कार्ड धारकों के बीच सबसे बड़ा अंतर ‘नागरिकता’ का होता है.
यूपीएससी परीक्षा के लिए सख्त हैं नागरिकता नियम
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करके आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईएफएस समेत कई सेवाओं में सरकारी नौकरी मिलती है. संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सीएसई के लिए पात्रता नियम बहुत सख्त बनाए हैं. इसकी तैयारी करने से पहले नागरिकता नियम समझना जरूरी है.
क्या NRI (गैर-आवासीय भारतीय) UPSC परीक्षा दे सकते हैं?
एनआरआई भारतीय नागरिक होते हैं. इनके पास भारत का पासपोर्ट होता है, लेकिन वे नौकरी, पढ़ाई या बिजनेस के सिलसिले में विदेश में रहते हैं.
- यूपीएससी के लिए 100% योग्य: एनआरआई केवल विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक होते हैं. उनके पास भारतीय पासपोर्ट होता है. इसलिए वे आईएएस, आईपीएस, आईएफएस सहित यूपीएससी की सभी 20 से अधिक सेवाओं के लिए बिल्कुल योग्य हैं.
- कोई स्पेशल कोटा या छूट नहीं: एनआरआई के लिए यूपीएससी परीक्षा में अलग से कोई एनआरआई कोटा या सीटों का आरक्षण नहीं होता. उन्हें सामान्य भारतीय अभ्यर्थियों की तरह ही परीक्षा की प्रक्रिया और कट-ऑफ से गुजरना पड़ता है.
- विदेश में परीक्षा केंद्र नहीं: यूपीएससी प्रीलिम्स, मेन्स या इंटरव्यू का कोई भी सेंटर विदेश में नहीं बनाया जाता है. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देने के लिए एनआरआई उम्मीदवारों को भारत ही आना पड़ता है.
- विदेशी डिग्री का नियम: अगर किसी एनआरआई ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई विदेश की किसी यूनिवर्सिटी से की है तो फॉर्म भरने से पहले AIU (Association of Indian Universities) से उसकी समकक्षता (Equivalency Certificate) लेना अनिवार्य है.
क्या OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्ड धारक यूपीएससी परीक्षा दे सकते हैं?
ओसीआई कार्ड धारक विदेशी नागरिक (किसी दूसरे देश के पासपोर्ट धारक) होते हैं. इनका पारिवारिक संबंध या मूल भारत से रहा होता है. उन्हें भारत में रहने और काम करने का जीवनभर का वीजा मिला होता है.
- नागरिकता का पेच: ओसीआई कार्ड धारक तकनीकी रूप से किसी दूसरे देश (जैसे यूएस, यूके, कनाडा) के नागरिक होते हैं. उनके पास विदेशी पासपोर्ट होता है.
- IAS, IPS और IFS पर रोक: संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के मुताबिक, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय विदेश सेवा (IFS) के लिए उम्मीदवार का ‘भारत का नागरिक’ होना अनिवार्य है. इसलिए OCI कार्ड धारक इन पदों के लिए आवेदन नहीं कर सकते.
- राजनीतिक और संवैधानिक अधिकार नहीं: ओसीआई कार्ड होल्डर को भारत में रहने और काम करने का आजीवन वीजा मिलता है. लेकिन उन्हें वोट देने या सरकारी पदों पर बैठने का संवैधानिक अधिकार नहीं मिलता.
- अन्य सेवाओं में सीमित मौका: वार्षिक नोटिफिकेशन के विशेष प्रावधानों के तहत कुछ चुनिंदा टेक्निकल या ग्रुप ‘ए’ पदों पर ही छूट दी जा सकती है. लेकिन मुख्य प्रशासनिक सेवाएं OCI के लिए पूरी तरह बंद रहती हैं.
अगर OCI कार्ड धारक IAS बनना चाहे तो क्या रास्ता है?
अगर कोई ओसीआई कार्ड धारक आईएएस अफसर बनना चाहता है तो उसे कुछ शर्तें माननी होंगी:
- नागरिकता की पुनर्प्राप्ति (Re-acquiring Citizenship): अगर कोई ओसीआई कार्ड होल्डर भारत में आईएएस या आईपीएस अफसर बनना चाहता है तो उसे सबसे पहले अपनी विदेशी नागरिकता छोड़नी होगी.
- 5+1 वर्ष का नियम: भारतीय नागरिकता अधिनियम (Citizenship Act, 1955) के तहत 5 साल तक OCI कार्ड धारक रहने और आवेदन करने से ठीक पहले 1 साल लगातार भारत में रहने के बाद भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया जा सकता है. नागरिकता मिलते ही उम्मीदवार यूपीएससी के लिए 100% योग्य हो जाता है.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…
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