मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, उत्तर प्रदेश ने नीतिगत, संरचनात्मक और आर्थिक बदलाव लागू किए हैं जो रोजगार का विस्तार करते हैं, निवेश आकर्षित करते हैं, और कौशल विकास को बढ़ाते हैं। सरकार और उद्योग निकायों ने व्यापक नौकरी सृजन, कम पलायन, और एक सहायक, पारदर्शी ढांचे के भीतर स्थानीय युवाओं के लिए अधिक अवसरों की रिपोर्ट दी है।
India
-Oneindia Staff
उत्तर
प्रदेश
की
राजनीति
में
दशकों
तक
कांग्रेस
और
समाजवादी
पार्टी
की
पहचान
वोट
बैंक
आधारित
सत्ता
प्रबंधन
तक
सीमित
रही।
जाति,
तुष्टिकरण
और
प्रतीकात्मक
योजनाओं
से
आगे
बढ़कर
स्थायी
विकास
की
दिशा
में
ठोस
प्रयास
नहीं
किए
गए।
इसके
विपरीत,
मुख्यमंत्री
योगी
आदित्यनाथ
के
नेतृत्व
में
पिछले
साढ़े
आठ
वर्षों
में
प्रदेश
ने
नीतिगत,
संरचनात्मक
और
आर्थिक
स्तर
पर
व्यापक
बदलाव
देखे
हैं,
जिनकी
पुष्टि
सरकारी
और
स्वतंत्र
आंकड़े
करते
हैं।

इंडियन
इंडस्ट्रीज
एसोसिएशन
(आईआईए)
योगी
सरकार
के
विजन
को
एक
बड़े
परिवर्तन
के
रूप
में
देखता
है।
आईआईए
के
राष्ट्रीय
अध्यक्ष
दिनेश
गोयल
ने
कहा
कि
मुख्यमंत्री
योगी
आदित्यनाथ
के
नेतृत्व
में
उत्तर
प्रदेश
उद्यमियों
के
लिए
एक
बेहतर
और
भरोसेमंद
विकल्प
के
रूप
में
उभरा
है।
उन्होंने
बताया
कि
प्रदेश
में
बाहर
से
लगातार
निवेशक
आए
और
उन्होंने
अपने
उद्योग
स्थापित
किए।
नई
फैक्ट्रियों
के
लगने
से
स्थानीय
युवाओं
को
रोजगार
के
बेहतर
अवसर
मिले
हैं।
इसके
साथ
ही
उत्तर
प्रदेश
से
होने
वाला
पलायन
भी
धीरे-धीरे
कम
हो
रहा
है
और
युवाओं
को
अपने
ही
प्रदेश
में
रोजगार
मिल
रहा
है।
मुख्यमंत्री
योगी
आदित्यनाथ
के
नेतृत्व
में
निष्पक्ष
और
पारदर्शी
प्रक्रिया
के
तहत
विभिन्न
आयोगों
और
भर्ती
बोर्डों
के
माध्यम
से
साढ़े
आठ
वर्षों
में
8.5
लाख
से
अधिक
युवाओं
को
सरकारी
नौकरी
दी
गई
है।
महिला
सशक्तिकरण
पर
विशेष
ध्यान
देते
हुए
1.75
लाख
से
अधिक
महिलाओं
को
सरकारी
रोजगार
प्रदान
किया
गया।
प्रदेश
के
युवाओं
को
देश
और
विदेश
में
रोजगार
उपलब्ध
कराने
के
उद्देश्य
से
उत्तर
प्रदेश
रोजगार
मिशन
का
गठन
भी
किया
गया
है।
इसके
अलावा
मुख्यमंत्री
शिक्षुता
प्रोत्साहन
योजना
के
तहत
1
लाख
से
अधिक
युवाओं
को
उद्योगों
और
संस्थानों
में
पंजीकरण
एवं
प्रशिक्षण
दिया
गया,
जिससे
प्रदेश
का
युवा
आत्मनिर्भर
बन
रहा
है।
आईटीआई
और
कौशल
विकास
मिशन
के
अंतर्गत
25
लाख
से
अधिक
युवाओं
को
विभिन्न
ट्रेड्स
में
प्रशिक्षित
किया
गया,
जिससे
10.20
लाख
से
अधिक
युवाओं
को
रोजगार
मिला।
इंडस्ट्री
4.0
के
अनुरूप
आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस
और
एडवांस्ड
कंप्यूटिंग
(रोबोटिक्स)
जैसे
नए
उभरते
क्षेत्रों
में
भी
छात्रों
को
प्रशिक्षण
देकर
उन्हें
स्वरोजगार
की
ओर
प्रेरित
किया
जा
रहा
है।
राजनीतिक
आरोप
बनाम
नीतिगत
बदलाव
राजधानी
के
औद्योगिक
क्षेत्र
में
उद्यम
चला
रहे
अनुराग
पांडे
का
कहना
है
कि
जहां
पूर्ववर्ती
सरकारों
ने
जनता
को
केवल
चुनावी
गणित
तक
सीमित
रखा,
वहीं
मौजूदा
योगी
सरकार
ने
स्थायी
रोजगार,
निवेश
और
कौशल
विकास
को
प्राथमिकता
देते
हुए
विकास
को
केंद्र
में
रखा
है।
बाहर
से
आए
उद्योगों
और
स्थानीय
युवाओं
को
मिले
प्रशिक्षण
से
यह
स्पष्ट
संकेत
मिलता
है
कि
उत्तर
प्रदेश
अब
केवल
रोजगार
की
तलाश
में
पलायन
करने
वाला
राज्य
नहीं
रहा,
बल्कि
रोजगार
देने
वाला
राज्य
बनने
की
दिशा
में
तेज़ी
से
आगे
बढ़
रहा
है।

