उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों और नवाचारों से लैस करने के लिए किसान पाठशाला कार्यक्रम का विस्तार कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई इस पहल ने 21,000 ग्राम पंचायतों में लाखों लोगों को प्रशिक्षित किया है, जो प्राकृतिक खेती, फसल प्रबंधन, मिट्टी स्वास्थ्य, बागवानी और आय बढ़ाने वाले तरीकों पर केंद्रित है।
India
-Oneindia Staff
योगी
सरकार
के
निर्देश
पर
किसानों
को
आधुनिक
खेती
और
कृषि
नवाचारों
के
लिए
लगातार
प्रशिक्षित
किया
जा
रहा
है।
कृषि
विभाग
के
तत्वावधान
में
रबी
सीजन
के
दौरान
किसान
पाठशाला
का
आयोजन
किया
जा
रहा
है।
मुख्यमंत्री
योगी
आदित्यनाथ
ने
12
दिसंबर
को
बाराबंकी
के
पद्मश्री
किसान
रामसरन
वर्मा
के
गांव
दौलतपुर
से
किसान
पाठशाला
8.0
(रबी
2025-26)
का
शुभारंभ
किया
था।
इसके
तहत
अब
तक
10
दिनों
में
6.98
लाख
किसानों
को
प्रशिक्षण
दिया
जा
चुका
है।
किसान
पाठशाला
का
आयोजन
29
दिसंबर
तक
जारी
रहेगा।

कृषि
मंत्री
सूर्य
प्रताप
शाही
ने
बताया
कि
इस
कार्यक्रम
के
आयोजन
के
लिए
प्रदेश
की
21
हजार
ग्राम
पंचायतों
में
जनपदीय
और
मंडलीय
कार्यालयों
को
निर्देश
दिए
गए
थे।
इसी
क्रम
में
12
दिसंबर
से
21
दिसंबर
तक
10
दिनों
के
दौरान
6720
ग्राम
पंचायतों
में
किसान
पाठशाला
और
गोष्ठियों
का
आयोजन
किया
जा
चुका
है।
इस
अवधि
में
6.98
लाख
किसानों
को
कृषि
एवं
सहवर्ती
विभागों
की
योजनाओं,
कृषि
विश्वविद्यालयों,
शोध
संस्थानों
और
कृषि
विज्ञान
केंद्रों
द्वारा
विकसित
नवाचारों
की
जानकारी
दी
गई।
प्रशिक्षित
किसानों
में
4.37
लाख
पुरुष
और
2.61
लाख
महिला
किसान
शामिल
हैं।
कृषि
विभाग
के
अनुसार,
किसान
पाठशाला
कार्यक्रम
के
अंतर्गत
वर्ष
2017-18
से
अब
तक
लगभग
दो
करोड़
से
अधिक
किसानों
को
प्रशिक्षण
दिया
जा
चुका
है।
इस
पहल
का
मुख्य
उद्देश्य
किसानों
को
आधुनिक
कृषि
तकनीकों
से
जोड़ना
और
उनकी
आय
को
बढ़ाना
है।
किसान
पाठशाला
के
माध्यम
से
किसानों
को
प्राकृतिक
खेती,
फसल
प्रबंधन,
फसल
सुरक्षा,
मृदा
स्वास्थ्य,
बागवानी,
नई
तकनीकों,
सरकारी
योजनाओं
और
आय
बढ़ाने
के
व्यावहारिक
तरीकों
की
जानकारी
दी
जा
रही
है।
योगी
सरकार
की
यह
पहल
किसानों
को
कम
लागत
में
बेहतर
उत्पादन
करने
और
आत्मनिर्भर
बनने
की
दिशा
में
महत्वपूर्ण
कदम
मानी
जा
रही
है।

