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UGC Controversy: UGC ने जनवरी 2026 में Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations-2026 लागू किए, जिनका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति आधारित और अन्य भेदभाव (जाति, धर्म, लिंग, विकलांगता आदि) को रोकना है. इसके तहत हर हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में Equal Opportunity Centre (EOC), Equity Committee, शिकायत मैकेनिज्म और 24×7 हेल्पलाइन जैसे संस्थागत ढांचे अनिवार्य किए गए हैं.

UGC Controversy: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC के नए नियमों पर मचे हंगामे के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है. इस पूरे विवाद से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आजादी के 75 साल गुजर चुके हैं और हम अभी भी जातिगत भेदभाव से जूझ रहे हैं. साथ ही सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से केंद्र से इस मसले पर जवाब मांगा है. CJI की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आज के दिन इंटरकास्ट मैरिज हो रहे हैं और यूनिवर्सिटीज में छात्र न केवल पढ़ते हैं, बल्कि साथ में रहते भी हैं. इस टिप्पणी के साथ ही CJI सूर्यकांत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को कहा कि वे इसपर केंद्र की राय से कोर्ट को अवगत कराएं. साथ ही शीर्ष अदालत ने कमेटी बनाने को भी कहा है. CJI जस्टिस सूर्यकांत ने इसके साथ ही यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशंस-2026 के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

